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Aaj Ka Panchang 09 May 2025: वैशाख शुक्ल द्वादशी तिथि, हस्त नक्षत्र, शुभ मुहूर्त और जानें राहुकाल का समय

Aaj Ka Panchang 09 May 2025: 9 मई 2025 को वैशाख माह की द्वादशी तिथि, हस्त नक्षत्र, वज्र योग रहेगा. अभिजीत मुहूर्त 11:44-12:36, राहुकाल 10:33-12:10. चंद्रमा कन्या राशि में. पंचांग से जानें शुभ समय और काल.

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Edited by Akansha

Aaj Ka Panchang 09 May 2025: 9 मई 2025 को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी. इस दिन हस्त नक्षत्र और वज्र योग का संयोग होगा. शुभ मुहूर्त (Aaj Ka Panchang 09 May) की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:36 तक रहेगा. राहुकाल सुबह 10:33 से दोपहर 12:10 तक रहेगा. चंद्रमा कन्या राशि में संचरण करेंगे.

हिंदू पंचांग, जिसे वैदिक पंचांग भी कहते हैं, समय और काल की सटीक गणना करता है. यह पांच अंगों – तिथि, नक्षत्र, वार, योग और करण – से मिलकर बनता है. हम आपको दैनिक पंचांग में शुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त, तिथि, करण, नक्षत्र, सूर्य-चंद्र की स्थिति, हिंदू मास और पक्ष आदि की जानकारी दे रहे हैं.

पंचांग विवरण:

9 मई 2025 को वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रहेगी, जो 14:57 तक रहेगी. इस दिन हस्त नक्षत्र (24:04 तक) और वज्र योग (26:52 तक) का संयोग होगा. प्रथम करण बालवा (14:57 तक) और द्वितीय करण कौवाला (28:13 तक) रहेगा. चंद्रमा कन्या राशि में संचरण करेंगे.

सूर्योदय सुबह 05:41 बजे और सूर्यास्त शाम 18:39 बजे होगा. राहुकाल सुबह 10:33 से दोपहर 12:10 तक रहेगा, जबकि अभिजीत मुहूर्त 11:44 से 12:36 तक रहेगा. विक्रमी संवत् 2082, शक संवत् 1947 (विश्वावसु) और मास वैशाख है. हिंदू पंचांग, जिसे वैदिक पंचांग कहते हैं, समय और काल की सटीक गणना करता है और यह तिथि, नक्षत्र, वार, योग व करण इन पांच अंगों से मिलकर बनता है.

पंचांग के पांच अंग

1. तिथि: हिंदू काल गणना में चंद्र रेखांक के सूर्य रेखांक से 12 अंश ऊपर जाने में लगने वाला समय तिथि कहलाता है. एक माह में 30 तिथियां होती हैं, जो शुक्ल और कृष्ण पक्ष में बंटी होती हैं. शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि पूर्णिमा और कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या कहलाती है.

तिथियों के नाम: प्रतिपदा, द्वितीया, तृतीया, चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी, सप्तमी, अष्टमी, नवमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी, चतुर्दशी, अमावस्या/पूर्णिमा.

2. नक्षत्र: आकाश मंडल में तारों का समूह नक्षत्र कहलाता है. कुल 27 नक्षत्र हैं, जिनका स्वामित्व नौ ग्रहों के पास है.

नक्षत्रों के नाम: अश्विन, भरणी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वाफाल्गुनी, उत्तराफाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती.

3. वार: वार का अर्थ दिन है. सप्ताह में सात वार होते हैं, जो ग्रहों के नाम पर हैं – सोमवार, मंगलवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार, रविवार.

4. योग: सूर्य और चंद्र की विशेष दूरी की स्थिति को योग कहते हैं. कुल 27 योग हैं.

योगों के नाम: विष्कुम्भ, प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शोभन, अतिगण्ड, सुकर्मा, धृति, शूल, गण्ड, वृद्धि, ध्रुव, व्याघात, हर्षण, वज्र, सिद्धि, व्यातीपात, वरीयान, परिघ, शिव, सिद्ध, साध्य, शुभ, शुक्ल, ब्रह्म, इन्द्र, वैधृति.

5. करण: एक तिथि में दो करण होते हैं – पूर्वार्ध और उत्तरार्ध में. कुल 11 करण हैं.

करणों के नाम: बव, बालव, कौलव, तैतिल, गर, वणिज, विष्टि, शकुनि, चतुष्पाद, नाग, किस्तुघ्न.

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-भारत एक्सप्रेस



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