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केंद्र सरकार ने तहव्वुर राणा के खिलाफ केस की पैरवी के लिए वकीलों की गठित की टीम

गृह मंत्रालय द्वारा गठित टीम निचली अदालत के एनआईए कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में आरसी-04/2009 एनआईए/डीएलआई मामले से संबंधित मुकदमे और अन्य मामलों की पैरवी करेगी. 

Tahawwur Rana extradition

26/11मुंबई हमले का मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा के मामले में एनआईए का पक्ष रखने के लिए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के नेतृत्व में वकीलों की एक स्पेशल टीम नियुक्त किया है. गृह मंत्रालय ने इसको लेकर एक अधिसूचना जारी की गई है.

पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा को इस साल 10 अप्रैल को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया था. एनआईए ने राणा को 30 दिन तक कस्टडी में लेकर पूछताछ की थी. एनआईए रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद पिछले हफ्ते न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया.

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि यह नियुक्ति राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम 2008 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 के तहत प्रदत शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए की गई है. एसजी तुषार मेहता की अध्यक्षता में गठित टीम में एएसजी एस. वी राजू, वरिष्ठ वकील दयान कृष्णन और वकील नरेंद्र मान शामिल है.

गृह मंत्रालय द्वारा गठित टीम निचली अदालत के एनआईए कोर्ट, दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में आरसी-04/2009 एनआईए/डीएलआई मामले से संबंधित मुकदमे और अन्य मामलों की पैरवी करेगी.

भारत में कई मामलों में बनाया गया है आरोपी

भारत में राणा के खिलाफ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, हत्या करने, जालसाजी के दो मामलों को अंजाम देने और आतंकवादी कृत्य करने सहित विभिन्न अपराधों को अंजाम देने का आरोप है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राणा को साजिशकर्ताओं एवं दुनिया के बहुत बुरे लोगों में से एक बताया है.

तहव्वुर राणा का जन्म पाकिस्तान में हुआ था. वह कनाडियाई नागरिक है. वह डेविड कोलमैन हेडली का करीबी सहयोगी है, जो 26/11 के मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है. वर्ष 2023 में 14 साल की सजा पूरी करने के बाद राणा वर्तमान में लांस एंजिल्स में एक महानगरीय निरोध केंद्र में निगरानी में हिरासत में था.

राणा पर पहले इलिनोइस के उत्तरी जिले के लिए अमेरिका के निचली अदालत में मुकदमा चलाया गया था, जूरी ने राणा को काउंट 12 (लश्कर-ए-तैयबा को भौतिक सहायता प्रदान करना) में दोषी ठहराया था.


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-भारत एक्सप्रेस



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