गुजरात आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने अहम कार्रवाई करते हुए जसीम शाहनवाज़ अंसारी और एक नाबालिग लड़के को गिरफ्तार किया है. इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल कर भारतीय वेबसाइटों को हैक किया, देशविरोधी संदेश पोस्ट किए और इन सभी गतिविधियों के सबूत टेलीग्राम चैनल ‘AnonSec’ पर साझा किए.
गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने बताया कि हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान लगातार इनपुट मिल रहे थे कि देश की कई वेबसाइटों पर हैकर्स साइबर हमले कर रहे हैं. इसी क्रम में एटीएस को सूचना मिली कि आरोपी ‘AnonSec’ नामक टेलीग्राम चैनल का संचालन कर रहे हैं, जिसमें वेबसाइट हैकिंग के प्रमाण और भारत विरोधी कंटेंट साझा किया जाता है.

‘ELITEXPLOIT’ नाम से बनाया था बैकअप चैनल
जांच के दौरान यह भी पता चला कि आरोपियों ने पहले ‘EXPLOITXSEC’ नामक चैनल बनाया था और साथ ही ‘ELITEXPLOIT’ नाम से एक बैकअप चैनल भी बनाया गया था ताकि किसी कारणवश मुख्य चैनल बंद हो जाए, तो गतिविधियाँ जारी रखी जा सकें. बाद में दोनों चैनलों को मिलाकर ‘AnonSec’ नाम दे दिया गया.
फोन की फॉरेंसिक जांच से यह स्पष्ट हुआ कि दोनों युवक, जो कि कक्षा 12 में असफल रहे थे, ने पिछले 6-8 महीनों में साइबर तकनीकों में गहरी दक्षता हासिल कर ली थी. उन्होंने न केवल वेबसाइटों को हैक किया, बल्कि भारत विरोधी संदेश भी पोस्ट किए.
साइबर अपराधों की गहराई से पड़ताल की जा रही
गुजरात एटीएस ने दोनों के खिलाफ आईटी एक्ट 2000 की धारा 43 और 66F के तहत एफआईआर दर्ज की है. आगे की जांच जारी है और उनके द्वारा किए गए साइबर अपराधों की गहराई से पड़ताल की जा रही है.
यह गिरफ्तारी उन राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ एक सख्त संदेश है जो तकनीक का दुरुपयोग कर देश की डिजिटल सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. गुजरात एटीएस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा साइबर खतरा समय रहते टाल दिया गया है.
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