दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण)लखनऊ को याची की सेवानिवृत्ति परिलाभो के भुगतान पर तीन माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है. यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने दिया है. तेलिया नाला वाराणसी निवासी गंगा प्रदूषण नियंत्रण खंड जल निगम से सेवानिवृत्त कर्मचारी महेश प्रसाद गुप्त को 10 वर्ष की सेवा के पश्चात भी पेंशन नहीं दी गई. जिसपर यह याचिका दायर की गई है.
याची अधिवक्ता सुनील चौधरी का कहना था कि 2009 में याची सेवानिवृत्त हुआ. सेवानिवृत्ति के पश्चात वर्ष 2009 से 2013 तक समस्त देयों के भुगतान मय ब्याज की मांग की गई. जल निगम के प्रबंध निदेशक ने उस पर कोई भी निर्णय नहीं लिया.
जल निगम के अधिवक्ता ने कहा कि याची को समस्त देयों का भुगतान कर दिया गया है.याची अधिवक्ता ने प्रतिवाद किया.इस पर कोर्ट ने याची के सेवानिवृत्ति तिथि 2009 से 2013 के बीच दिए जाने वाले सभी भुगतान मय ब्याज 3 महीने में प्रबंध निदेशक ग्रामीण उत्तर प्रदेश जल निगम लखनऊ को निर्णय लेने का आदेश पारित करते हुए याचिका निस्तारित कर दी.
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-भारत एक्सप्रेस
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