प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “विकसित भारत 2047” के सपने को साकार करने की दिशा में दिव्यांगजनों की भागीदारी को और सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है. केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने दिव्यांगजनों को सरकारी आवासीय पूल (जीपीआरए) में 4% आरक्षण देने की घोषणा की है. यह फैसला दिव्यांगजनों के सम्मान, अधिकार और स्वाभिमान को मजबूती देगा.
मनोहर लाल ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ विजन के अनुरूप है. दिव्यांगों को सरकारी आवासों की सुविधा में प्राथमिकता देने के लिए आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और संपदा निदेशालय ने इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी है.
दिव्यांगों को मिलेगी प्राथमिकता
सरकारी आवासों के सामान्य पूल (जीपीआरए) में अब हर प्रकार की उपलब्धता में से प्रत्येक माह की रिक्तियों का 4 प्रतिशत दिव्यांगों के लिए आरक्षित रहेगा. पात्र दिव्यांगजन प्रारंभिक आवंटन और आवास में परिवर्तन दोनों ही स्थितियों में एकीकृत प्रतीक्षा सूची में वरीयता पाएंगे.
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आवेदकों को यूडीआईडी कार्ड (Unique Disability ID) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, जिसे ई-संपदा पोर्टल पर अपलोड कर अपने प्रोफाइल में जोड़ना होगा. संबंधित मंत्रालय/विभाग द्वारा यह जानकारी संपदा निदेशालय को सत्यापित कर भेजी जाएगी.
आवंटन की प्रक्रिया रहेगी पारदर्शी
यदि किसी माह में दिव्यांगों के लिए उपलब्धता 4% से कम रहती है तो ऐसे मामलों में स्वचालित आवंटन प्रणाली (ASA) के माध्यम से ऑनलाइन बोली प्रक्रिया चलाई जाएगी. इच्छुक दिव्यांग आवेदकों को ई-संपदा वेबसाइट पर हर महीने आवेदन करना होगा.
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा, “यह केवल आवास का आरक्षण नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान और भागीदारी को मान्यता देने का प्रयास है. प्रधानमंत्री जी के सुगम्य भारत अभियान को मजबूती देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है.”
-भारत एक्सप्रेस
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