दिल्ली हाई कोर्ट ने उस जनहित याचिका पर सुनवाई को बंद कर दिया है, जिसमें पक्षों के बीच समझौता हो जाने वाले याचिकाओं को निपटारे के लिए विशेष पीठ के गठन की मांग की गई थी. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तुषार राव गेडेला की पीठ ने याचिकाकर्ता वकील आदित्य सिंह देशवाल से कहा कि वह इस मुद्दे पर हाई कोर्ट के प्रशासनिक पक्ष को 15 दिनों के भीतर सुझाव दे. उसने यह कहते हुए याचिका का निपटारा कर दिया है.
अदालत ने देशवाल से कहा कि क्या आपके अधिकार क्षेत्र में है कि किस व्यवस्था का पालन किया जाना चाहिए? तो उसकी समीक्षा की मांग कर.सकते है. लेकिन परमादेश के लिए आपको पहले अपने अधिकार क्षेत्र स्थापित करना होगा, जिसका उल्लंघन किया जा रहा है.
अदालत ने कहा कि यह याचिका एक तरह का सुझाव है. उसने देशवाल से उन मुद्दों पर प्रशासनिक पक्ष को अपना सुझाव देने को कहा. कोर्ट ने उसके बाद कहा कि जनहित याचिका में उठाया गया मुद्दा शिकायत की प्रकृति की है.उसे ध्यान में रखते हुए हम याचिकाकर्ता से प्रशासनिक पक्ष सर उक्त मुद्दा को उठाने की अनुमति देते है.
याचिका में कहा गया है कि पिछले वर्ष दिसंबर में जारी किए गए दिशा-निर्देशों का दायरा बढ़ाया जाए, जिससे एफआईआर को रद्द करने के लिए गैर-विवादास्पद समझौता आधारित याचिकाओं पर निर्णय लेने के लिए विशेष नामित पीठ का गठन किया जा सकें.
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-भारत एक्सप्रेस
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