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बार-बार सर्जरी का बहाना बनाकर जमानत बढ़ाने की मांग करने वाले आरोपी को हाईकोर्ट से राहत नहीं

दिल्ली हाई कोर्ट ने सर्जरी के नाम पर बार-बार अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग करने वाले आरोपी शैलेन्द्र कुमार उर्फ सोनू की याचिका खारिज कर दी है. कोर्ट ने 13 जून तक आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया.

Delhi HC

दिल्ली हाईकोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)

सर्जरी कराने के नाम पर बार-बार जमानत बढ़ाने की मांग वाले आरोपी को दिल्ली हाई कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया है. जस्टिस तेजस कारिया की बेंच ने आरोपी शैलेन्द्र कुमार उर्फ सोनू ने जमानत बढ़ाने जे इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपित ने दो जून को कान की सर्जरी कराने के नाम पर जमानत बढवाई थी, जबकि रिकॉर्ड पर पेश किए गए दस्तावेज से स्पष्ट है कि उक्त तारीख पर कोई सर्जरी नहीं हुई. आरोपी 24 जून तक जमानत की अवधि को बढ़ाने की मांग कर रहा था.

फर्जी मेडिकल दस्तावेज पर उठे सवाल

कोर्ट ने आरोपी को 13 जून तक आत्मसमर्पण करने को कहा है. आरोपी के खिलाफ दिल्ली के पश्चिम विहार थाने में हत्या, दुष्कर्म, लूट समेत अन्य धारा में. वर्ष 2019 में मामला दर्ज हुआ था. संबंधित मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपित शैलेन्द्र को 23 मार्च को मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी थी और इसके बाद.समय-समय पर दी गई अंतरिम जमानत को बढ़ाया गया. आरोपित की अंतरिम जमानत पूर्व में नौ अप्रैल, 15 अप्रैल, 17 अप्रैल और 28 अप्रैल को बढ़ाई थी. आरोपी अब कान की.सर्जरी की मांग को लेकर अंतरिम जमानत की अवधि को बढ़ाने की मांग कर रहा था.

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को सूचित किया कि आरोपी का ईलाज करने वाले डॉक्टर 15 जून तक अवकाश पर हैं और इस बीच सर्जरी नहीं हो सकती हैं. उन्होंने कोर्ट को यह भी सूचित किया कि जांच से पता चला है कि पहले ही सर्जरी के लिए तारीख दी गई थी. लेकिन नही हुई. उन्होंने कहा कि आरोपी द्वारा दाखिल मेडिकल रिकॉर्ड फर्जी है. हालांकि आरोपी ने कोर्ट में कहा कि उसके द्वारा दाखिल मेडिकल सर्टिफिकेट फर्जी नही है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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