Bharat Express DD Free Dish

प्रयागराज महाकुंभ क्षेत्र में मेला प्रशासन द्वारा छोड़े गये कचरे को हटाने की मांग में जनहित याचिका

प्रयागराज महाकुंभ मेले में अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुनवाई. महाकुंभ को कचरा मुक्त बनाने के लिए “एक थाली, एक थैला” नामक एक अनूठी पहल भी शुरू. ..

Allahabad High Court

प्रयागराज में 2025 के ऐतिहासिक महाकुंभ के 45 किलोमीटर के क्षेत्र में गंगा जमुना के किनारे मेला प्रशासन द्वारा छोड़े गए मलबे से फैली गंदगी व बरसात में गंगा के प्रदूषित होने को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है.जिसकी सुनवाई 27 जून को होगी.

22 फरवरी को कुंभ के समापन पर मेला प्रशासन को तमाम दी गई सुविधाएं हटाना था , पर उसका एक बड़ा हिस्सा क्षेत्र में ही छोड़ दिया गया.जिसमें भारी मात्रा में कचरा , मलबा, निर्माण सामग्री , लैट्रिन कमोड और ऐसी ही बहुत सारी वस्तुएं शामिल हैं. बारिश शुरू होने पर यह गंगा जल को दूषित और जहरीला बना देंगी . इस कचरे के कारण आज एक बड़े इलाके में कछार भूमि पर खीरा, ककड़ी ,करेले आदि की सब्जियों की खेती रुक गई है. झूंसी में नदी किनारे के मोहल्ले प्रदूषण, दुर्गंध से प्रभावित है.

महाकुंभ को कचरा मुक्त बनाने के लिए, “एक थाली, एक थैला” नामक एक अनूठी पहल भी शुरू की गई थी, एक समाचार के अनुसार. इस अभियान के तहत, श्रद्धालुओं को अपनी थाली और थैला साथ लाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, ताकि वे अपना कचरा स्वयं ही एकत्र कर सकें.

पीठ ने निगम के वकील से कहा “आप छह महीने में 14 लाख टन लीगेसी वेस्ट के निपटारे का दावा कर रहे हैं, अगर ऐसा है तो हमें भी बताइए. इतना ज्यादा कचरा इतने कम समय में कैसे निपटाया गया? क्यों न आपका तरीका दिल्ली में वर्षों से पड़े कचरे को साफ करने के लिए लागू किया जाए?

सुनवाई के दौरान निगम के वकील ने कहा कि वह इन सवालों का जवाब अगली सुनवाई में हलफनामा दाखिल करके देंगे.

पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा “4000 हेक्टेयर में फैले इस मैले में करीब 40 लाख स्थायी कल्पवासी हैं. रोज गंगा के किनारे से कचरा निकल रहा है, उसका हिसाब-किताब कहां है? प्रयागराज की आबादी का वास्तविक आंकड़ा आप अभी तक नहीं दे पाए. न ही यह बता सके कि रोजाना कितना कचरा पैदा होता और वह उपचारित होने के बाद कहां जाता है?

निगम ने कहा कि लीगेसी वेस्ट को उपचारित करके सीमेंट कंपनियों को दिया गया. इस पीर पीठ ने कहा कि किन सीमेंट कंपिनियों को दिया गया, उनका नाम बताइए. लेकिन निगम यह जवाब नहीं दे सके.पीठ ने कहा कि कचरा प्रबंधन को लेकर निगम की ओर से दाखिल किए गए जवाब में बहुत ही असपष्टता है. एनजीटी ने अगली सुनवाई में इन सभी बिंदुओं पर निगम से सफाई मांगी है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read