दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी के विट्ठलभाई पटेल हाउस में पार्टी कार्यालय के लिए किराए की मांग के खिलाफ दायर आम आदमी पार्टी (आप) की याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस सचिन दत्ता ने आप की कार्यालय के लिए ‘दो या अधिक कक्षों वाला सुसज्जित आवासीय इकाई के आवंटन को रद्द करने को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार से दो सप्ताह के जवाब देने को कहा है. कोर्ट 22 जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान आप की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से किराया मांगने संबंधी अनुस्मारक नोटिस पर रोक लगाने की मांग की.
जिसपर केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि अगली सुनवाई तक उसके क्रियान्वयन को लेकर कोई कदम नहीं उठाया जाएगा. केंद्र ने यह भी कहा कि इस मामले में अभी कोई जल्दबाजी नहीं है, क्योंकि यह केवल एक नोटिस है. आगे वे सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम के अनुसार आगे बढ़ेंगे. आप ने दावा किया है कि आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के संपदा निदेशालय का निर्णय एकपक्षीय है और बिना किसी कारण बताओ नोटिस या सुनवाई का उचित अवसर दिए किराया देने का नोटिस पारित कर दिया.
कोर्ट में आप की मांग
आप के अधिवक्ता ने कहा है कि संपदा निदेशालय ने कथित तौर पर बिना किसी सूचना के विट्ठलभाई पटेल हाउस में एक ‘डबल सुइट’ का आवंटन रद्द कर दिया जो 14 सितंबर, 2024 से प्रभावी हो गया, लेकिन 17 जनवरी को पहली बार और देरी से एक पत्र के जरिए याचिकाकर्ता को इसकी जानकारी दी गई थी.
उसने 30 अप्रैल को परिसर का कब्जा सौंप दिया था. आप ने कहा है कि 6 मार्च और 13 मई को जारी पत्रों में प्राधिकरण ने कथित निरस्तीकरण की तिथि से शुरू होने वाली अवधि से परिसर पर कब्जे के लिए आठ लाख रुपए से अधिक का किराया मांगा है. इसलिए उसने कोर्ट से इस पत्र पर रोक लगाने का आग्रह किया है.
भारत एक्सप्रेस
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