दिल्ली हाई कोर्ट.
दिल्ली हाई कोर्ट ने टीएमसी सांसद और राज्य सभा सांसद साकेत गोखले द्वारा दिए गए माफीनामे से संबंधित हलफनामे को अस्वीकार कर दिया है. कोर्ट ने नए सिरे से माफीनामा देने को कहा है। कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया है कि जब तक नए सिरे से हलफनामा दाखिल नही किया जाता तब तक सुनवाई नही हो सकती. कोर्ट ने साकेत गोखले द्वारा दिए गए माफीनामे से संबंधित हलफनामे के पैरा 4 पर आपत्ति जताई है.
50 लाख रुपये हर्जाने का निर्देश
कोर्ट ने कहा कि फिलहाल इसे रिकॉर्ड पर नही लिया जा सकता है. सिंगल बेंच ने गोखले के पूर्व राजनयिक लक्ष्मी पूरी को कथित मानहानि के लिए 50 लाख रुपये का हर्जाना अदा करने और माफीनामा प्रकाशित करने का निर्देश दिया था.
पोस्ट बना विवाद की जड़
गोखले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उन्होंने 13 और 23 जून 2021 को लक्ष्मी पूरी पर विदेश में गलत और बिना सबूत के संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया था, जिसके लिए वे माफी मांगते है. दिल्ली हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने गोखले को सार्वजनिक माफी मांगने और लक्ष्मी पूरी को 50 लाख रुपए का हर्जाना देने का निर्देश दिया था.
साथ ही कोर्ट ने गोखले को आगे कोई मानहानिकारक टिप्पणी करने पर रोक लगा दिया था और आदेशों की अवहेलना पर सिविल डिटेंशन की चेतावनी दी थी. गोखले ने यह सार्वजनिक माफीनामा तब जारी किया गया जब कोर्ट ने यह पाया कि गोखले ने जुलाई 2024 के।फैसले और मई 2025 में दी गई।समयसीमा का पालन नहीं किया गया है. पिछली सुनवाई में गोखले ने कोर्ट को बताया था कि वह सिंगल-जज के निर्देशानुसार माफी प्रकाशित करेंगे. एक जुलाई के आदेश का अनुपालन नहीं करने पर लक्ष्मी पूरी ने साकेत गोखले के विरुद्ध अवमानना याचिका दायर की है.
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भारत एक्सप्रेस
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