बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) के मानसून सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को उस समय हंगामा मच गया, जब विपक्षी विधायकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान के विरोध में सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया. जैसे ही स्पीकर नंद किशोर यादव ने सदन की कार्यवाही शुरू की, विपक्षी विधायक खड़े होकर नारेबाजी करने लगे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर बहस की मांग करते हुए पोस्टर लेकर सदन के बेल में पहुंच गए.
स्पीकर की अपील
स्पीकर ने विरोध कर रहे विधायकों को शांत करने की कोशिश की और उन्हें अपनी सीटों पर लौटने को कहा. स्पीकर ने कहा कि नारे लगाने से आपका गला थक जाएगा, आपको चुनाव के लिए अपनी आवाज बचानी चाहिए.
काला कपड़ा पहनकर विरोध
विपक्षी विधायक काले कपड़े पहनकर सदन में विरोध जताने पहुंचे, जिस पर स्पीकर (Speaker) ने उनकी पोशाक पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह अच्छा नहीं लगता. मार्शलों को निर्देश दिया गया कि वे प्रदर्शन कर रहे विधायकों के हाथों से तख्तियां छीन लें, जिन्हें बाद में सदन से बाहर निकाल दिया गया. इससे पहले, राजद विधायकों ने विधानसभा के बाहर हंगामा किया और स्पीकर नंद किशोर यादव को सदन में प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे अपने कक्ष तक पहुंचने में सफल रहे.
सरकार के खिलाफ नारेबाजी
राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित विपक्षी विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के जरिए ‘षड्यंत्र’ रचने का आरोप लगाया और इसे वापस लेने की मांग की. विपक्षी विधायकों ने मुख्य द्वार पर नाकाबंदी की, जिसके कारण सालों से बंद विधानसभा के दूसरे द्वार को हथौड़े और छेनी से तोड़कर खोला गया, ताकि सत्तारूढ़ दल के विधायक अंदर जा सकें.
इसके बाद भी विपक्षी विधायकों ने प्रवेश द्वार को बाधित करने का प्रयास किया, लेकिन राजद विधायक मुकेश रोशन और कांग्रेस विधायक राजेश कुमार को हटाकर मार्शलों ने रास्ता खाली कराया.
स्पीकर से मिले मुख्यमंत्री
इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वैकल्पिक मार्ग से विधानसभा पहुंचे और स्पीकर से मिले. उनके साथ संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी और मंत्री श्रवण कुमार भी मौजूद थे.
-भारत एक्सप्रेस
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