सत्येंद्र जैन
भ्रष्टाचार के मामले में दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को राऊज एवेन्यु कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. सीबीआई द्वारा दर्ज मुकदमें को बंद करने का कोर्ट ने आदेश दिया है. राऊज एवेन्यु कोर्ट के स्पेशल न्यायाधीश दिग्विनय सिंह ने सीबीआई की ओर से दायर क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है.
सीबीआई ने कहा कि चार साल की जांच के बाद भी जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई सबूत नही मिला है. लेकिन दिल्ली सरकार के सतर्कता विभाग के सहायक निदेशक ने एक कोर्ट में लिखित अनुरोध दायर किया था, जिसमें सीबीआई द्वारा दाखिल क्लोजर रिपोर्ट में विसंगतियों और खामियों का अध्ययन के लिए कोर्ट से दो महीने का समय मांगा था.
ठेके में नियमों और बजट का उल्लंघन
अधिकारियों ने कहा था कि विभाग द्वारा उठाए गए मुद्दों पर एजेंसी द्वारा आगे की जांच की जरूरत हो सकती है. भ्रष्टाचार का यह मामला एक निजी फर्म को पीडब्ल्यूडी द्वारा रचनात्मक कार्यों की निविदा देने में अनियमितताओं से जुड़ा है. उपराज्यपाल ने 28 मई 2018 को इसकी जांच सीबीआई को सौंपी थी.
सीबीआई ने एफआईआर दर्ज करने से पहले एक साल तक प्रारंभिक जांच की थी. सीबीआई द्वारा दर्ज प्राथमिकी में सितंबर 2015 में पीडब्ल्यूडी में आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम सहित अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से एक्सपर्ट रखने की बात कही गई थी. लेकिन जब मार्च 2016 में अधिसूचना जारी किया गया उसमें इन शर्तों को बदल दिया गया.
सीबीआई का आरोप था कि लोकसेवकों ने ऐसा जानबूझकर किया ताकि निजी कंपनियों को ठेका मिल सके. इतना ही नहीं बजट को लेकर दिशा निर्देश और नियमों का उल्लंघन का भी आरोप लगा था.
भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

