Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

कर्नाटक में धर्मस्थल में शव दफनाने का मामला: हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका

कर्नाटक के धर्मस्थल दफन मामले में मीडिया रिपोर्टिंग पर लगी रोक को हटाने के हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. यह मामला डी. वीरेंद्र हेगड़े के भाई से जुड़े विवाद और सोशल मीडिया पर फैले लगभग 9000 पोस्ट्स और लिंक हटाने से जुड़ा है.

Supreme Court

कर्नाटक में धर्मस्थल के धर्माधिकारी डी. वीरेंद्र हेगड़े के भाई से जुड़े मामलों में मीडिया रिपोर्ट पर लगी रोक हटाने को लेकर हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट में इसको लेकर याचिका दायर की गई थी, जिसपर सुनवाई से कोर्ट ने इनकार कर दिया था. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने को कहा था.

सोशल मीडिया पोस्ट्स और खबरों को हटाने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट 8 अगस्त को इस मामले में सुनवाई करेगा, जिसमें कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा मीडिया पर लगी रोक हटाने के को चुनौती दी गई है. निचली अदालत ने मीडिया रिपोटिंग पर रोक लगा दिया था. साथ ही कोर्ट ने 390 मीडिया संस्थानों को धर्मस्थल दफन मामले से जुड़े लगभग 9000 लिंक और खबरें हटाने का निर्देश दिया था. जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के सलाह के बाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई. दायर याचिका पर सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया था. जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुचा है.

बता दें कि डी हर्षेन्दर कुमार ने बेंगलुरु के अतिरिक्त सिटी सिविल और सत्र सत्र अदालत में मुकदमा दायर किया था. जिसमें 4140 यूट्यूब वीडियो, 932 फेसबुक पोस्ट, 3540 इंस्टाग्राम पोस्ट, 108 समाचार लेख 37 रेडिट पोस्ट 41 ट्वीट सहित 8842 लिंक को ब्लॉक करने की मांग की थी. उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मीडिया द्वारा दो जा रही जानकारी अपमानजनक और मानहानिकारक है. इससे उनके परिवार की छबि खराब हो रही है. जिसके बाद कोर्ट ने रोक लगा दिया था.

यह मामला एक सफाई कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज एफआईआर से उत्पन्न हुआ है. जिसमें दावा किया गया कि उसे 1995 से 2014 के बीच धर्मस्थल गांव में महिलाओं और बच्चों के शवों को दफनाने का निर्देश दिया गया था.

ये भी पढ़े: कैश बरामदगी मामले में जस्टिस यशवंत वर्मा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, याचिका खारिज

भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital