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जाम ने ली जान! 4 घंटे में 70 KM ही रेंग पाई एंबुलेंस, दर्द से तड़पकर महिला की मौत

Maharashtra News: महाराष्ट्र के पालघर में एक महिला की मौत हो गई क्योंकि अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस एनएच-48 पर चार घंटे के भीषण जाम में फंस गई, जिससे उसे समय पर इलाज नहीं मिल सका.

Death of Woman In Traffic jam in Palghar Maharashtra

जाम में फंसी एंबुलेंस के कारण महिला की मौत

Maharashtra News: भारत के बड़े शहरों में जाम की समस्या काफी आम है. बारिश का मौसम हो या कोई त्यौहार हो तो यह समस्या और अधिक विकराल हो जाती है. इसी का नजीता रहा कि मुंबई में एंबुलेंस के जाम (Traffic jam in Palghar) में फंसने के कारण एक महिला की तड़पकर मौत हो गई. सबसे बड़ी बाती की यह जाम किसी और सड़क पर नहीं बल्कि, नेशनल हाईवे-48 का था. आमतौर पर जिस दूरे कि लिए 2 से 2:30 घंटे लगते हैं. वहां 4 घंटे का समय लग गया. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने कहा कि अगर आधे घंटे पहले पहुंच जाते तो जान बचाई जा सकती थी.

मामला महाराष्ट्र के पालघर (Palghar Maharashtra) जिले का है. छाया पूरव नामक महिला को पेड़ की टहनी गिरने से गंभीर चोटें आई थीं और उन्हें अस्पताल ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गई. क्योंकि, उनकी एंबुलेंस को हाइवे में जाम के कारण रास्ता नहीं मिल पाया था.

टहनी गिरने से घायल हुई थी महिला

छाया पूरव अपने घर के पास पेड़ की टहनी गिरने से घायल हो गई थीं. उन्हें तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन NH-48 पर भीषण जाम के कारण वे समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकीं. एंबुलेंस में उनके पति भी उनके साथ थे और उन्होंने अपनी पत्नी को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन ट्रैफिक जाम ने उनकी सारी कोशिशें नाकाम कर दीं.

एंबुलेंस में फंसी रही महिला

एंबुलेंस NH-48 पर तीन घंटे से अधिक समय तक जाम में फंसी रही. इस दौरान महिला की हालत बिगड़ती गई और उन्हें असहनीय दर्द हो रहा था. जब एंबुलेंस अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके पति को बताया गया कि अगर वे 30 मिनट पहले अस्पताल पहुंच जाते तो उनकी जान बच सकती थी.

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पालघर में अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं

इस हादसे ने पालघर में अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं और NH-48 पर यातायात की समस्या को उजागर कर दिया है. पालघर में ट्रॉमा सेंटर नहीं है, जिसके कारण गंभीर रूप से घायल मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है. इस मामले में भी महिला को मुंबई के हिंदुजा अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन एंबुलेंस में जाम के कारण वे समय पर अस्पताल नहीं पहुंच सकीं.

पति ने सुनाई दर्द भरी कहानी

महिला के पति ने मीडिया से बात करते हुए अपनी पत्नी को बचाने की पूरी कोशिश करने की बात कही. उन्होंने कहा कि सड़क पर बहुत सारे गड्ढे थे, जिससे उनकी पत्नी को बहुत तकलीफ हो रही थी. वह दर्द से चीख रही थी और रो रही थी. उन्होंने जल्द से जल्द अस्पताल ले जाने की गुहार लगाई, लेकिन वे जाम में फंस गए थे.

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सरकार और समाज पर सवाल

इस हादसे ने पालघर में स्वास्थ्य सुविधाओं (Maharashtra Healthcare) और यातायात की समस्या को उजागर कर दिया है. सरकार और प्रशासन को इस पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक कदम उठाने चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके. इस घटना ने स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ यह भी बताया कि मुंबई जैसे शहर में जाम के कारण एंबुलेंस 70 किलोमीटर की दूरी तय 4 घंटे में तय कर पाई जिसे पार करने में महज 2 घंटे लगते हैं. इस घटना से समाज पर भी सवाल उठता है जहां सड़को पर साइड न देने की प्रथा आम है.



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