यमन में मौत की सजा पाने वाली केरल की नर्स निमिषा प्रिया की मौत की सजा के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 8 सप्ताह बाद सुनवाई करेगा. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने याचिका पर सुनवाई कर रही है. मामले की सुनवाई के दौरान प्रिया की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि निमिषा प्रिया की फांसी की देने की फिलहाल कोई खतरा नहीं है. इसको लेकर यमन सरकार से बातचीत चल रही है.
पिछली सुनवाई में केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि हम चाहते है कि कुछ उल्टा हो. हम चाहते हैं और यह महिला सुरक्षित बाहर आ जाए. निमिषा प्रिया के वकील बसंत ने कहा था कि हम सरकार के सामने अपना पक्ष रखेंगे. निमिषा प्रिया केरल के पलक्कर की रहने वाली है. इससे पहले निमिषा की मां प्रेमकुमारी दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी है.
मालूम हो कि यमन की शीर्ष अदालत ने निमिषा प्रिया की फांसी की सजा बरकरार रखी है. निमिषा प्रिया को 2017 में यमन के एक नागरिक की हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था. मामला कूटनीतिक जटिलताओं और कानूनी पेचीदगियों के कारण उलझ हुआ है, केंद्र सरकार के प्रयास के बावजूद कोई सफलता हाथ नहीं मिली है.
यमन की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को फांसी दे दी जाएगी. हालांकि निमिषा के पति टामी थामस का कहना है कि, हमें अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. हमे इस बारे में केवल समाचार रिपोर्टों के माध्यम से पता चला है. प्रिया को 2018 में अपने यमनी बिजनेस पार्टनर की हत्या का दोषी ठहराया गया था. तब से वह सना की केंद्रीय जेल में मौत की सजा काट रही हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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