बीजेपी सांसद कंगना रनौत
Himachal Pradesh Disaster 2025: हिमाचल प्रदेश हाल ही में प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बाढ़, भूस्खलन और अन्य आपदाओं से राज्य को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा है. इन आपदाओं ने कई जिलों में तबाही मचाई, जिसमें सड़कें, पुल और घर क्षतिग्रस्त हुए. स्थानीय लोगों की आजीविका प्रभावित हुई और कई परिवार बेघर हो गए. केंद्र सरकार ने इस संकट को गंभीरता से लिया है. बीजेपी सांसद और मंडी से लोकसभा सदस्य कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने दिल्ली में मीडिया से बातचीत में इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि राज्य की स्थिति को देखते हुए केंद्र ने तत्काल मदद (Natural Calamity Aid) का फैसला किया.
#WATCH | Delhi | BJP MP Kangana Ranaut says, "Himachal has suffered a lot of damage, a loss of several thousand crores has occurred. On this matter, we had a meeting with our Union Home Minister, he has given a relief fund of Rs 2200 crore to Himachal Pradesh government and I… pic.twitter.com/CdnhqXAj2N
— ANI (@ANI) August 27, 2025
राज्य की हर संभव मदद कर रही केंद्र सरकार: कंगना रनौत
कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने कहा कि उन्होंने और अन्य प्रतिनिधियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस बैठक में हिमाचल की आपदा पर विस्तार से चर्चा हुई. शाह ने राज्य सरकार को 2200 करोड़ रुपये का राहत कोष देने की घोषणा की. यह राशि आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण, राहत कार्यों और बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए इस्तेमाल होगी. कंगना ने इस फैसले को केंद्र की संवेदनशीलता का प्रतीक बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र राज्य की हर संभव मदद कर रहा है. यह पैकेज हिमाचल की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
राज्य सरकार से उम्मीद: जनकल्याण में उपयोग हो पैसा
BJP सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने उम्मीद जताई कि हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकार इस राहत राशि का सही उपयोग करेगी. उन्होंने कहा कि यह पैसा लोगों के कल्याण के लिए है, न कि राजनीतिक लाभ के लिए. राज्य सरकार को पारदर्शिता बरतनी चाहिए और प्रभावितों तक मदद पहुंचानी चाहिए. कंगना ने कहा कि केंद्र की यह सहायता राज्य को मजबूत बनाएगी. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आपदा के समय एकजुट रहें. यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब हिमाचल में मानसून की वजह से और नुकसान की आशंका बनी हुई है. कुल मिलाकर, यह कदम केंद्र-राज्य सहयोग का उदाहरण है.
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