गुरुग्राम जमीन घोटाला मामले में रॉबर्ट वाड्रा सहित अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दायर चार्जशीट पर संज्ञान लेने से संबंधित बिंदुओं पर राऊज एवेन्यु कोर्ट 20 सितंबर को सुनवाई करेगा.
शिकोहपुर गांव की जमीन खरीद से जुड़े धनशोधन मामले में कोर्ट सुनवाई कर रहा है. विशेष न्यायाधीश सुशांत चंगोत्रा की कोर्ट मामले में सुनवाई कर रही है.
लाइसेंस ऊपरी दबाव में किया गया प्राप्त
पिछली सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा था कि यह एक ऐसा मामला है, जिसमें अपराध की आय से अचल संपत्तियों को अधिग्रहण किया गया. ईडी ने दावा किया था कि स्काईलाइट ने वाणिज्यिक आवासीय विकास के लिए लाइसेंस ऊपरी दबाव में प्राप्त किया गया.
ईडी ने कहा था कि लाइसेंस की फाइलें जल्दबाजी में प्रोसेस की गई और कंपनी की वित्तीय स्थिति की जांच नहीं कि गई. नियमों और शर्तों को दरकिनार कर यह लाइसेंस जारी किया गया. ईडी ने उन अधिकारियों के बारे में कोर्ट को जानकारी जो अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार है.
कंपनी ने डीएलएफ किया सहयोग
ईडी ने दावा था किया कि वाड्रा की कंपनी ने डीएलएफ के साथ सहयोग कर अपराध से प्राप्त धन की तीसरी परत तैयार की. ईडी के मुताबिक चार किश्तों में धन प्राप्त किया गया.
ईडी ने कोर्ट को यह भी बताया था कि वाड्रा के स्वामित्व वाली कम्पनियों द्वारा प्राप्त 42.62 करोड़ की राशि अवैध कमाई है, जिसे दिल्ली में लेयरिंग किया गया. इसलिए यह अदालत के क्षेत्राधिकार का मामला बनता है. चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा सहित 11 आरोपियों के नाम है.
मामला 2008 में खरीदी गई जमीन घोटाले से जुड़ा
यह मामला साल 2008 में खरीदी गई जमीन घोटाले से जुड़ा है. वाड्रा पर आरोप है कि कंपनी में सिर्फ एक लाख रुपये की जमीन सौदा किया था. इसी मामले में ईडी ने वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है.
पहली बार ऐसा हुआ है कि जब किसी जांच एजेंसी ने आपराधिक मामले में रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. रॉबर्ट वाड्रा और उनकी संस्थाओं से जुडी 37.64 करोड़ रुपए की 43 अचल संपत्तियों को कुर्क किया है.
ये भी पढ़ें: वोट चोरी के मुद्दे पर कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा का आया बयान, जानें क्या कहा?
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


