Bihar News: बिहार में विधानसभा चुनावों से पहले भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने वोटर लिस्ट की विशेष गहन समीक्षा (SIR) के तहत दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है. इस प्रक्रिया में नेपाल और पश्चिम बंगाल से सटे सीमावर्ती जिलों के हजारों मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं. वजह गलत या अधूरे दस्तावेज जमा करना है.
पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मधुबनी, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और सुपौल जैसे जिलों में सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. इन इलाकों की भौगोलिक स्थिति नेपाल और बंगाल की सीमाओं से सटे होने के कारण इनकी संवेदनशीलता और बढ़ा देती है.
ECI ने क्या बताया?
ECI ने बताया कि नोटिस उन लोगों को भेजे गए हैं जिन्होंने गणना फॉर्म तो जमा किए थे और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल भी थे लेकिन उनके दस्तावेज या तो अधूरे हैं, गलत हैं या उनकी नागरिकता पर संदेह है. आयोग ने साफ किया है कि अगर सुनवाई के दौरान पर्याप्त दस्तावेज नहीं दिए गए तो ऐसे लोगों का नाम वोटर लिस्ट से हटाया जाएगा और उनकी नागरिकता भी खतरे में पड़ सकती है.
वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं 65 लाख नाम
इस विशेष निरीक्षण के तहत अब तक करीब 65 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा चुके हैं. वहीं, जिनके दस्तावेजों में कमी पाई गई है उन्हें दोबारा वेरीफाई किया जा रहा है. रक्सौल विधानसभा क्षेत्र में पहली सुनवाई 3 सितंबर को होगी जबकि मधुबनी में 7 सितंबर को होगी.
इसे भी पढ़ें-ट्रंप को US कोर्ट की लताड़! टैरिफ को बताया गैरकानूनी, कहा- अमेरिका को तबाह कर देगा ट्रंप का ये फैसला
इस कार्रवाई से सीमावर्ती जिलों में हलचल मच गई है। लोग अपने दस्तावेजों को दुरुस्त करने में जुटे हैं ताकि वे अपनी नागरिकता और मतदान का अधिकार सुरक्षित रख सकें. आयोग का कहना है कि यह कदम चुनावी पारदर्शिता और सुरक्षा सही करने के लिए उठाया गया है.
Also Follow Bharat Express on X
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.





