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दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचीं ऐश्वर्या राय बच्चन, छवि और व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की लगाई गुहार

फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की मांग की है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उनके नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान का गलत इस्तेमाल करके आपत्तिजनक कंटेंट फैलाया जा रहा है.

Aishwarya Rai Property Row:

ऐश्वर्या राय बच्चन (फोटो)

फिल्म अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उनके व्यक्तित्व अधिकार की रक्षा सुनिश्चित की जाए. दायर याचिका पर जस्टिस तेजस करिया की की पीठ सुनवाई कर रही है. दायर याचिका में कहा गया है कि उनकी छवि, नाम, तस्वीरें, आवाज और पहचान का किसी भी प्रकार से अनधिकृत इस्तेमाल न किया जाए. उन्होंने दावा किया है कि विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफार्म और सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता का गलत इस्तेमाल कर भ्रामक, फेक और आपत्तिजनक कंटेंट फैलाया जा रहा है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान हो सकता है. दायर याचिका में यह भी कहा गया है कि कई वेबसाइट और कंपनियां उनके नाम और तस्वीर का बिना अनुमति इस्तेमाल कर रही हैं, जिससे न केवल उनकी निजता भंग हो रही है, बल्कि आम जनता भी गुमराह हो रही है.

आराध्या बच्चन का मामला

बता दें कि इससे पहले अमिताभ बच्चन की पोती और अभिषेक व ऐश्वर्या राय की बेटी आराध्या बच्चन ने दिल्ली हाई कोर्ट में नई अर्जी दाखिल की थी. जिनकी ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 अप्रैल 2023 को निर्देश जारी कर कंटेंट हटाने को कहा था. 20 अप्रैल 2023 को दिए निर्देश में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा था कि यूट्यूब की जिम्मेदारी बनती है कि वो इस तरह की फर्जी खबरों को तुरंत हटाए और इस पर रोक पर रोक लगाए. कोर्ट ने गूगल और यूट्यूब चैनलों से लिखित जवाब मांगा था. कोर्ट ने गूगल से कहा था कि आईटी नियम 2021 के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए. अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय की बेटी आराध्या बच्चन की स्वास्थ्य की स्थिति से जुड़ी यूट्यूब प्लेटफार्म पर सभी वीडियो को हटाने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में गूगल से वीडियो को अपलोड करने वालों का विवरण के बारे में सूचित करने के लिए कहा था. कोर्ट ने यूट्यूब के वकील से कहा था कि आपके पास इन मामलों में कोई नीति क्यों नहीं है. जब आपको बताया जाता है कि इस तरह के कंटेंट यूट्यूब प्लेटफार्म है, क्या इस तरह की चीजों के लिए आपकी कुछ जिम्मेदारी नहीं है.

कोर्ट ने कहा था कि सेलिब्रिटी से लेकर सामान्य बच्चे को सम्मान पाने का अधिकार है, विशेष रूप से बच्चे के शरीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के संबंध में भ्रामक जानकारी का प्रसार कानून में पूरी तरह से असहनीय है. आराध्या का कहना था कि इन विवादित वीडियों में उनको गंभीर रूप से बीमार दिखाया जा रहा है. इतना ही नही कई जगह पर यह भी दावा किया जा रहा था कि वह भी अब इस दुनिया में नही है. हाई कोर्ट ने ऐसे कंटेंट को तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफार्म से हटाने को कहा था.

बता दें कि ऐश्वर्या बच्चन से पहले आराध्या बच्चन, अमिताभ बच्चन, अनिल कपूर, रजनीकांत और विराट कोहली भी अपने व्यक्तिगत अधिकारों की सुरक्षा के लिए अदालत का रुख कर चुके है.

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-भारत एक्सप्रेस

 



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