प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुरू की गई पीएम उज्जवला योजना गुजरात के डांग जिले के झरण गांव में रहने वाली संजनाबेन के लिए वरदान साबित हुई है. इस योजना के तहत उन्हें मुफ्त गैस कनेक्शन मिला, जिसने उनकी जिंदगी को आसान बना दिया. संजनाबेन को जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हा जलाने की मेहनत और धुएं से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से अब उन्हें छुटकारा मिल गया है. अब वे घर पर आसानी से और जल्दी खाना बना सकती हैं, जिससे समय की बचत होती है और परिवार के साथ खाने का आनंद भी बढ़ गया है.
बता दें कि पीएम मोदी ने उज्जवला योजना की शुरुआत इसी मकसद से की थी कि महिलाओं को चूल्हे के धुएं से छुटकारा दिलाया जाए. इस योजना के तहत गरीब परिवारों, खासकर ग्रामीण महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है. इस साल भी इस योजना ने देशभर में लाखों परिवारों को लाभ पहुंचाया है, जिसमें संजनाबेन जैसे लोग शामिल हैं. यह योजना न केवल स्वच्छता और स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है, बल्कि महिलाओं के जीवन स्तर को भी ऊपर उठाती है, जिससे वे समय और ऊर्जा का उपयोग अन्य उत्पादक कार्यों में कर सकें. संजनाबेन की खुशी इस बात का प्रमाण है कि यह योजना ग्रामीण भारत में सकारात्मक बदलाव ला रही है.
उज्जवला योजना ने लाई स्वच्छता और सुविधा
संजनाबेन ने बताया कि पहले काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. कभी सोचा नहीं था कि हम लोग भी गैस पर खाना पका सकेंगे. रोजाना की तरह से जंगल से लकड़ी काटकर लानी पड़ती था. बरसात के दिनों में काफी समस्याएं होती थी. एक दिन हमें पीएम मोदी की उज्जवला योजना के बारे में जानकारी मिली. जिसके बाद हमने योजना का लाभ लेने के लिए अप्लाई किया. इसके कुछ दिनों बाद हमें इस योजना के तहत गैस कनेक्शन मिला.
उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ नहीं मिलता तो हमें हमेशा जंगल से लकड़ी काटकर चूल्हा जलाने पर मजबूर होना पड़ता. अह हमें उस समस्या से छुटकारा मिल गया है. संजनाबेन ने इस योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना काफी अच्छी है. पीएम मोदी का तहे दिल से धन्यवाद, गरीब महिलाओं के जीवन में यह योजना एक वरदान बनकर आई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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