Calorie Surplus for Muscle Gain- bharat express
Calorie Surplus for Muscle Gain: जिम में घंटों पसीना बहाने और भारी वजन उठाने के बावजूद कई लोगों की मसल्स नहीं बन पातीं. इसकी सबसे बड़ी वजह सही न्यूट्रिशन की कमी होती है. मसल्स टिशू बनाने के लिए शरीर को एनर्जी, प्रोटीन और अन्य न्यूट्रिएंट्स की पर्याप्त मात्रा चाहिए होती है. अगर आप लंबे समय तक अपनी रोजाना की जरूरत से कम कैलोरी (कैलोरी डेफिसिट) ले रहे हैं, तो हैवी रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के बाद भी लीन मास गेन करना बहुत मुश्किल हो जाता है. रिसर्च में भी यह साबित हुआ है कि लंबे समय तक एनर्जी डेफिसिट में रहने से मसल्स ग्रोथ प्रभावित होती है. यहीं से ‘कैलोरी सरप्लस’ की अहम भूमिका शुरू होती है.
क्या होता है कैलोरी सरप्लस?
कैलोरी सरप्लस का आसान मतलब है कि आप अपने शरीर की रोजाना की एनर्जी खपत (मेंटेनेंस कैलोरी) से थोड़ी ज्यादा कैलोरी ले रहे हैं. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी व्यक्ति को अपना वजन बनाए रखने के लिए रोजाना 2,200 कैलोरी की जरूरत है और वह मसल्स बनाने के लिए 2,500 कैलोरी खाना शुरू करता है, तो इसे 300 कैलोरी का रोजाना सरप्लस कहा जाएगा. यह अतिरिक्त एनर्जी शरीर को वर्कआउट के दौरान ताकत देने, रिकवरी करने और नए मसल्स टिशू बनाने में मदद करती है.
हालांकि, इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप अनलिमिटेड या कुछ भी अनहेल्दी खाना शुरू कर दें. बहुत ज्यादा कैलोरी लेने से मसल्स के बजाय शरीर में अनचाहा फैट बढ़ सकता है.
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रोज कितनी एक्स्ट्रा कैलोरी लेनी चाहिए?
सामान्य तौर पर मसल्स गेन के लिए प्रतिदिन लगभग 300 से 500 एक्स्ट्रा कैलोरी लेने की सलाह दी जाती है. स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन गाइडलाइंस में भी एथलीट्स के वेट गेन के लिए 300–500 kcal/दिन का जिक्र मिलता है.
लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए एक फिक्स्ड रूल नहीं माना जा सकता. जानकारों और रिसर्च के मुताबिक:
सबसे पहले अपनी मेंटेनेंस कैलोरी का अंदाजा लगाएं.
फिर 300-500 कैलोरी के हल्के सरप्लस से शुरुआत करें.
2 से 4 हफ्ते तक अपने वजन, स्ट्रेंथ और बॉडी शेप को ट्रैक करें.
अगर वजन और फैट बहुत तेजी से बढ़ रहा है, तो कैलोरी सरप्लस थोड़ा कम करें.
अगर कई हफ्तों तक वजन और परफॉर्मेंस में कोई बदलाव नहीं दिख रहा, तो कैलोरी इनटेक थोड़ा बढ़ाएं.
हर व्यक्ति के लिए कैलोरी की जरूरत अलग क्यों होती है?
मसल्स गेन के लिए 2,500 या 3,000 कैलोरी जैसा कोई एक मैजिक नंबर सभी के लिए काम नहीं कर सकता. क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार, आपकी रोजाना की कैलोरी आवश्यकता कई कारकों पर निर्भर करती है:
आयु (Age): उम्र का सीधा असर मेटाबॉलिज्म और एक्टिविटी लेवल पर पड़ता है.
लिंग (Gender): पुरुषों और महिलाओं की बॉडी कंपोजीशन और एनर्जी बर्न करने की क्षमता अलग-अलग होती है.
लंबाई और वजन: ज्यादा बॉडी मास वाले व्यक्ति को शरीर के मेंटेनेंस के लिए ज्यादा कैलोरी की जरूरत होती है.
एक्टिविटी लेवल: दिनभर फिजीकली एक्टिव रहने वाले व्यक्ति को डेस्क जॉब करने वाले व्यक्ति की तुलना में अधिक कैलोरी चाहिए.
ट्रेनिंग इंटेंसिटी: आप जिम में कितना हैवी वर्कआउट करते हैं और आपका वर्कआउट वॉल्यूम कितना है, इससे भी आपकी रिकवरी डिमांड तय होती है.
मसल बिल्डिंग में प्रोटीन का रोल और सही मात्रा
कैलोरी सरप्लस के साथ-साथ प्रोटीन मसल्स गेन का सबसे अहम न्यूट्रिएंट है. इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन (ISSN) के अनुसार, रेगुलर एक्सरसाइज करने वाले लोगों के लिए 1.4 से 2.0 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम बॉडी वेट/दिन पर्याप्त माना जाता है.
उदाहरण से समझें: अगर आपका वजन 70 किग्रा है, तो आपको रोजाना लगभग 98 से 140 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होगी.
निष्कर्ष
मसल्स बनाने का मतलब सिर्फ ज्यादा से ज्यादा खाना या सिर्फ भारी वजन उठाना नहीं है. एक प्रैक्टिकल अप्रोच यह है कि आप अपनी मेंटेनेंस कैलोरी से थोड़ा ऊपर जाएं (लगभग 300–500 एक्स्ट्रा कैलोरी), पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लें और रेगुलर रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करें. हर व्यक्ति का शरीर अलग होता है, इसलिए अपनी प्रोग्रेस को लगातार मॉनिटर करें और उसी हिसाब से अपनी डाइट में बदलाव करें.
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