Shardiya Navratri 2025:शारदीय नवरात्र 2025 का शुभ पर्व 9 दिनों तक मां दुर्गा की आराधना के लिए मनाया जाएगा. इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं और देवी के प्रति अपनी भक्ति अर्पित करते हैं. व्रत के समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है, खासकर खानपान से जुड़े नियम. सही आहार न केवल व्रत की पवित्रता बनाए रखता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी होता है. आइए जानते हैं इस पावन पर्व में क्या खा सकते हैं और किन चीजों से परहेज करना चाहिए.
क्या खाना चाहिए?
व्रत में ताजे फल जैसे केला, सेब, अनार, पपीता और अंगूर खाना सबसे अच्छा माना जाता है. सब्जियों में आलू, शकरकंद, लौकी, कद्दू और खीरा का सेवन किया जा सकता है. गेहूं और चावल की जगह कुट्टू के आटे, सिंघाड़े के आटे और समा के चावल का प्रयोग करते हैं. दूध, दही, पनीर और घी भी इस दौरान सेवन किए जाते हैं. सेंधा नमक और हल्के मसाले जैसे काली मिर्च व जीरा पाउडर से बने खाना व्रत के लिए उपयुक्त होते हैं. साबूदाना, मखाना और ड्राई फ्रूट्स का सेवन भी आम तौर पर किया जाता है.
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क्या न खाएं?
व्रत के दौरान गेहूं, चावल, दालें, बेसन, सूजी और मैदा पूरी तरह वर्जित रहते हैं. लहसुन और प्याज जैसे तामसिक पदार्थ भी नहीं खाए जाते हैं. इसके अलावा, मांस, मछली, अंडे और शराब से भी परहेज किया जाता है. भक्तों को कोशिश करनी चाहिए कि तले-भुने और मसालेदार भोजन से दूरी बनाए रखें, क्योंकि इससे मन में चंचलता और अशांति आती है. पैकेज्ड व प्रोसेस्ड फूड भी व्रत की पवित्रता को प्रभावित कर सकते हैं.
क्या न करें?
सिर्फ खानपान ही नहीं, व्रत के दौरान आचरण पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी होता है. नौ दिन के व्रत को बीच में तोड़ना अशुभ माना जाता है. दिन में अधिक सोने से बचें और दाढ़ी, बाल या नाखून काटने से परहेज करें. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पावन समय में किसी का अपमान न करें और मन को सकारात्मक विचारों से भरें.
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-भारत एक्सप्रेस
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