Aaj Ka Panchang 19 September 2025: ज्योतिष और पंचांग की दृष्टि में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहेगा. इस वर्ष सूर्य और चंद्रमा की गतियों के आधार पर ही व्रत-त्योहार, शुभ-अशुभ मुहूर्त और विभिन्न धार्मिक व सामाजिक कार्यों का निर्धारण होगा.
सूर्यदेव अपने मासिक राशि परिवर्तन और उत्तरायण-दक्षिणायन से विशेष प्रभाव डालेंगे, वहीं चंद्रमा प्रतिदिन राशि और नक्षत्र बदलकर अमावस्या व पूर्णिमा के योग बनाएंगे. इसी के साथ दिशा शूल, राहुकाल और ग्रहण काल जैसे नियमों का ध्यान रखना भी आवश्यक होगा.
सूर्य और चंद्रमा से जुड़ी बातें
साल 2025 में सूर्यदेव अपनी गति के अनुसार हर महीने राशि परिवर्तन करेंगे. सूर्य उत्तरायण और दक्षिणायन के समय विशेष महत्व रखेंगे. मकर संक्रांति 14 जनवरी को होगी, जब सूर्य उत्तरायण होंगे.
इसी तरह चंद्रमा प्रतिदिन राशि बदलते हुए नक्षत्रों में गति करेंगे और अमावस्या व पूर्णिमा के योग से व्रत-त्योहारों का निर्धारण होगा. इस वर्ष कुल 12 पूर्णिमा और 12 अमावस्या आएंगी.
शुभ मुहूर्त
2025 में विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, भूमि पूजन और अन्य मांगलिक कार्यों के लिए अनेक शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे. विशेष रूप से वसंत और शरद ऋतु के समय अधिक शुभ लग्न मिलेंगे.
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल, यमगण्ड और गुलिक काल को अशुभ माना जाता है. इन समयों में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत वर्जित होती है. वर्ष 2025 में भी प्रतिदिन राहुकाल का ध्यान रखना आवश्यक होगा, क्योंकि यह हर दिन के वार और समय के अनुसार बदलता है. इसके अलावा ग्रहण काल भी अशुभ माना गया है.
दिशा शूल
पंचांग के अनुसार प्रत्येक दिन किसी न किसी दिशा में यात्रा करना वर्जित रहता है, जिसे दिशा शूल कहते हैं. यदि यात्रा आवश्यक हो तो प्रतीकार विधि अपनाई जाती है. उदाहरण के लिए सोमवार को उत्तर दिशा और शनिवार को पूर्व दिशा में यात्रा अशुभ मानी जाती है.
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सूर्यबल और चंद्रबल
साल 2025 में सूर्य की स्थिति विशेष फलदायी रहेगी. सूर्य जब मेष, सिंह और धनु राशि में होंगे, तब सूर्यबल प्रबल रहेगा. इन दिनों में आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और स्वास्थ्य में वृद्धि होगी. सूर्यबल वाले समय में सरकारी कार्य, नौकरी से संबंधित कार्य और समाज में सम्मान पाने के लिए कदम उठाना शुभ माना जाएगा.
वहीं चंद्रमा की स्थिति मन और भावनाओं पर सीधा प्रभाव डालती है. 2025 में जब चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ या मित्र राशियों में होंगे, तब चंद्रबल प्रबल रहेगा. चंद्रबल के दिनों में मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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