पटियाला हाउस कोर्ट ने बाबा चैतन्यानंद सरस्वती की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. पटियाला हाउस कोर्ट के एडिशनल सेशन जज हरदीप कौर ने दोनों पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टिट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की जमीन ट्रस्ट बनाकर हड़पने के मामले में अग्रिम जमानत की मांग की है. मामले की सुनवाई के दौरान चैतन्यानंद की ओर से पेश वकील ने कहा कि ये सुनियोजित तरीके से हमारे खिलाफ काम किया गया.
19 सितंबर को जब आश्रम से दिल्ली से बाहर गया तब सुनियोजित तरीके से हमारे खिलाफ तीन एफआईआर कराई गई. बिना किसी जांच के FIR दर्ज करा दी गई ताकि वापस ना आ सकें. चैतन्यानंद के वकील ने कहा कि ये सुनियोजित तरीके से हमारे खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई. 19 सितंबर को जब आश्रम से दिल्ली से बाहर गया. तब सुनियोजित तरीके से हमारे खिलाफ तीन एफआईआर कराई गई.
बाबा चैतन्यानंद पर पहले भी लगे कई आरोप
वकील ने यह भी कहा कि बिना किसी जांच के एफआईआर दर्ज करा दी गई ताकि वापस ना आ सकें. बाबा के खिलाफ लड़कियों से छेड़छाड़, लोगों से धोखाधड़ी, फर्जी नंबर प्लेट वाली गाड़ी रखने सहित कुल पांच मामले दर्ज है. वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 75(2) यौन उत्पीड़न, 79 (शब्द, इशारा या किसी महिला की विनम्रता का अपमान करने का इरादा) और 351 (2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया था.
चैतन्यानंद खुद को संत बताता है और लगभग 12 साल से आश्रम में रह रहा है. हालांकि यह पहली बार नहीं है कि चैतन्यानंद पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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