दिल्ली दंगे के आरोपी और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र शरजील इमाम ने कड़कड़डुमा कोर्ट से उस अर्जी को वापस ले लिया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी की कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील की मांग पर अनुमति दे दी है. दायर याचिका में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की गई थी. इमाम के वकील ने कहा कि उचित मंच सुप्रीम कोर्ट होना चाहिए था, क्योंकि उनकी नियमित जमानत याचिका वही लंबित है.
दायर याचिका में कहा गया था कि शरजील इमाम बिहार की बहादुरगंज विधानसभा सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ना चाहते हैं. इसको लेकर 14 दिन की अंतरिम जमानत की मांग की थी ताकि वो नामांकन पत्र भर सके और प्रचार कर सके. नामांकन भरने की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है, जबकि बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में सात और 11 नवंबर को होंगे.
अंतरिम जमानत की याचिका वापस
शरजील इमाम ने दायर याचिका में स्पष्ट किया था कि उनके छोटे भाई के अलावा कोई और नहीं है, जो नामांकन और प्रचार की व्यवस्था कर सकें क्योंकि उनका भाई उनकी बीमार मां की देखभाल और परिवार का भरण पोषण कर रहा है. इसलिए उन्हें अकेले ही सबकुछ करना है.
बता दें कि शरजील इमाम बिहार के जहानाबाद जिले के काको के निवासी हैं. 25 अगस्त 2020 से लगातार न्यायिक हिरासत में हैं. यह अवधि अब पांच वर्ष 2 माह से अधिक हो चुकी है. वे 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े साजिश मामले में आरोपी हैं, जिसमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धाराएं लगाई गई है. दिल्ली हाई कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.
यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई और 700 से अधिक घायल हुए थे. दंगों में मारे गए लोगों में 38 मुस्लिम और 15 हिंदू थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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