Indian businessman Scam USA
Indian businessman Scam USA: नीरव मोदी जैसे लोन धोखाधड़ी का मामला अब अमेरिका में सामने आया है. यहां भी आरोपी उद्योगपति भारतीय मूल का ही है, नाम है बंकिम ब्रह्मभट्ट. बंकिम पर करीब 500 मिलियन डॉलर (4000 करोड़ रुपये) का फर्जी तरीके से लोन लेने के गंभीर आरोप लगे हैं. इसका खुलासा वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने किया है.
WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, मशहूर ऋणदाता कंपनी ब्लैकरॉक (BlackRock) की प्राइवेट क्रेडिट शाखा एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर सहित कई अन्य अमेरिकी कंपनी इसका शिकार हुई हैं.
कैसे किया फ्रॉड
बंकिम ब्रह्मभट्ट अमेरिकी उद्योगपति है. उसने अपनी कंपनी ब्रॉडबैंड टेलिकॉम और ब्रिजवॉयस के खातों में फर्जी ग्राहक और फर्जी इनवॉइस दिखाकर करोड़ों डॉलर का लोन प्राप्त कर लिया. इन फर्जी आंकड़ों को उसने लोक कोलैटरल (गिरवी संपत्ति) के रूप में दर्ज करा दिया. लोन प्राप्त करने के बाद उसने कई फर्जी खातों का निर्माण कर रकम को भारत और मॉरिशस में ट्रांसफर कर दिया.
कोर्ट में खुद को दिवालिया किया घोषित
इस मामले में अगस्त 2025 में ब्लैकरॉक और दूसरी अन्य ऋणदाता कंपनियों ने बंकिम ब्रह्मभट्ट के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. जिसमें बताया गया है कि बंकिम पर 500 मिलियन डॉलर का कर्ज बकाया है. इस मामले के सामने आते ही बंकिम ने 12 अगस्त को खुद को दिवालिया घोषित कर दिया और कंपनियों के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी.
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ, जब ब्लैकरॉक ने निजी ऋण बाजार में विस्तार की योजना के तहत एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स का अधिग्रहण किया. इस अधिग्रहण का फ्रांसीसी बैंक बीएनपी परिबास ने आधी रकम को फाइनेंस किया. इस दौरान जांच में खुलासा हुआ कि बंकिम ने एचपीएस इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स से पहली बार सितंबर 2020 में लोन लिया था. जो अगस्त 2024 में उसकी कुल एक्सपोजर राशि बढ़कर 430 मिलियन डॉलर पहुंच गई.
स्विच ऑफ आ रहा बंकिम का फोन
रिपोर्ट में बताया गया है कि जब लोन की प्रक्रिया शुरू की गई थी, तब एचपीएस ने डेलॉयल को इस जांच के लिए नियुक्त किया था. जुलाई 2025 में एचपीएस के एक कर्मचारी ने पाया कि बंकिंम के द्वारा दी गई ईमेल आईडी में कुछ गड़बड़ी है. ये ईमेल आईडी सीधे तौर पर ग्राहकों से जुड़ी हुई थीं. जांच में पाया गया कि ये ईमेल आईडी फर्जी हैं और इन्हें फर्जी डोमेन से बनाया गया था. जब इस बारे में बंकिम से बात की गई तो पहले तो उन्होंने इन्हें सामान्य गलती बताया बाद में फोन स्विच ऑफ कर लिया.
ये भी पढ़ें- राजद विधायक रीतलाल यादव जेल से लड़ेंगे चुनाव, भागलपुर जेल में बंद है ये माफिया
महीनों से ऑफिस पर लगा है ताला
जब इस मामले की जांच के लिए एचपीएस के एक अधिकारी न्यूयॉर्क स्थित उनके कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो वह बंद पाया गया. जब इस बारे में पता किया गया तो जानकारी मिली कि वहां पर कई हफ्तों से कोई स्टाफ नहीं आया है.
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि मामला अदालत में चल रहा है. धोखाधड़ी सामने आने के बाद से बंकिम ब्रह्मभट्ट का लिंक्डन प्रोफाइल को हटा दिया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.




