Anant Singh Arrest: बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व विधायक और बाहुबली अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया.
दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में पटना एसएसपी की टीम बाढ़ स्थित कारगिल मार्केट पहुंची, जहां से बाहुबली अनंत सिंह को गिरफ्तार किया. इससे पहले सूचना आई थी कि अनंत सिंह पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर सकते हैं. इसी क्रम में पटना एसएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम एक्टिव हुई और अनंत सिंह को कस्टडी में ले लिया. इस मामले में अनंत सिंह को पुलिस रिमांड पर भी लिया जाएगा.
सीआईडी कर रही जांच
बता दें कि मोकामा में दुलारचंद यादव हत्याकांड में बिहार पुलिस अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने औपचारिक रूप से मामले का प्रभार संभाल लिया है.
जांच की निगरानी सीआईडी के डीआईजी जयंत कांत कर रहे हैं, जिन्होंने स्वयं घटनास्थल का दौरा किया और सभी पहलुओं की जांच की. पुलिस की कई टीमें शनिवार को बसावन चक पहुंची थीं, जहां यह घटना घटी थी.
दो और लोग गिरफ्तार
दुलारचंद हत्याकांड में अनंत सिंह के साथ दो और लोगों मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम की भी गिरफ्तारी हुई है. इस पूरे प्रकरण में 80 से ज्यादा लोगों को चिन्हित किया गया है. सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई तय किये जाने की संभावना है.
मिले कई महत्वपूर्ण सुराग
सीआईडी अधिकारियों ने एफएसएल टीम के साथ मिलकर पूरे इलाके की जांच की. सूत्रों ने बताया कि कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. जांचकर्ताओं ने घटना में शामिल क्षतिग्रस्त वाहनों का भी निरीक्षण किया. इन वाहनों से फोरेंसिक नमूने एकत्र किए गए हैं.
मोकामा ताल में अपराध स्थल के निरीक्षण के दौरान, जांचकर्ताओं ने रेलवे पटरियों पर आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले पत्थर बरामद किए. अधिकारियों ने बताया कि मोकामा ताल में ऐसे पत्थर प्राकृतिक रूप से नहीं पाए जाते हैं, जिससे संभावित साजिश का सवाल उठता है. नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं.
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छाती पर वाहन चढ़ने से फट गए थे फेफड़े
शुरुआती दावों के मुताबिक, दुलारचंद यादव की हत्या गोली लगने से होने की बात कही गई थी. उनके पैर में भी गोली लगी है, लेकिन यह उनकी मौत का कारण नहीं था. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया है कि घातक चोट उनकी छाती पर किसी वाहन के चढ़ने से लगी थी, जिससे कई फ्रैक्चर हुए और फेफड़े फट गए. बाढ़ में एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तीन डॉक्टरों के पैनल ने लगभग दो घंटे तक पोस्टमार्टम किया था.
-भारत एक्सप्रेस
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