'संन्यास' पर कायम PK ने रखी शर्तें
बिहार चुनाव के रिजल्ट आए 4 दिन बीत गए हैं. 20 तारीख को नई सरकार के गठन के साथ ही मंत्रीमंडल की शपथ ग्रहण होना है. इसे लेकर भी पटना से दिल्ली तक माथापच्ची हो रही है. उधर कांग्रेस ने भी पार्टी के खिलाफ काम करने वाले 46 नेताओं को नोटिस जारी कर दिया है और 3 दिन के भीतर जवाब मांगा है. इन तमाम सुर्खियों के बीच जन सुराज के संस्थापक PK यानी प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) पहली बार मीडिया के सामने आए और अपनी हार स्वीकार करते हुए तमाम सवालों का जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने अपने सन्यास पर कायम रहने की बात भी कही. हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने शर्तें जोड़ दी है.
दो चरणों में हुए बिहार विधानसभा चुनाव के मतदान में बंपर वोटिंग हुई थी. जब मतगणना हुई तो NDA को भारी बहुमत मिला. महागठबंधन 35 सीटों पर सिमट गई. जबकि, पूरे चुनाव में सबसे बड़े कीवर्ड के रूप में सामने आए प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज को एक भी सीट हासिल नहीं हुई. इतना ही नहीं उन्हें नाममात्र के वोट मिले. कई प्रत्याशियों तो अपनी जमानत भी नहीं बचा पाए. ऐसे में मीडिया के वह बात याद आई जब प्रशांत किशोर ने सन्यास की बात कही थी. जब मंगलवार को वह सामने आए तो यह सवाल दोग दिया गया.
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राजनीति छोड़ने पर रखी शर्त
पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फेंस में प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) से सवाल किया गया कि आप ने JDU को 25 से ज्यादा सीट न मिलने का दावा किया था. आपने तो दावा भी कर दिया था कि आप राजनीति से सन्यास ले लेंगे. इसपर प्रशांत किशोर ने कहा कि हम वैसे भी राजनीति नहीं कर रहे हैं. हम बिहार में सुधार की वकालत कर रहे हैं. जहां तक बात सन्यास की है तो हम इसपर कायम है. हमने पहले कहा था कि-
‘आपने 1.5 करोड़ महिलाओं को अगले 6 महीने में 2 लाख रुपए स्वरोजगार के लिए देने का वादा किया है. ऐसा नहीं करेंगे तो ये स्पष्ट हो जाएगा कि आपने वोट खरीदने के लिए 10-10 हजार रुपए दिए थे. मैंने बोला था कि नीतीश जी को 25 सीट ही जीतेंगे. महिलाओं को वो 2-2 लाख रुपए दे, मैं राजनीति छोड़ दूंगा.’
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हार प्रायश्चित कैसे करेंगे Prashant Kishor?
मीडिया से बात करते हुए PK ने बिहार में हार की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ली है. उन्होंने कहा कि हमसे कुछ चूक हुई होगी इस कारण हमें वोट नहीं मिले. इसका मतलब यह नहीं है कि हम बिहार छोड़ देंगे. बिहार की लड़ाई तो अभी शुरू हुई है. उन्होंने माफी मांगी मांगते हुए कहा कि मैं एक दिन का मौन उपवास करूंगा. मैं हार की जिम्मेदारी लेता हूं और इसके प्रायश्चित के लिए 20 नवंबर को गांधी भीतिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन उपवास रखूंगा.
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