करारी हार के बाद पहली PC में प्रशांत किशोर
Prashant Kishor On Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार मिलने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर मंगलवार को पहली बार मीडिया के सामने आए और स्पष्ट कर दिया कि वे बिहार छोड़ने वाले नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अब सलाह नहीं संघर्ष करने के समय आ गया है. पटना में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि हम लोगों ने अपनी बात ठीक ढंग से जनता को नहीं बताई. उस कारण शायद जनता ने वोट नहीं दिया. खुद पर इसकी जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने कहा कि वे जिस विश्वास की उम्मीद कर रहे थे, वह विश्वास नहीं जीत पाए.
हालांकि, इस दौरान एक बार ऐसा हुआ कि प्रशांत किशोर खुद अपनी PC छोड़कर जानें लगे. उसके बाद दोबारा सीट पर बैठे और पत्रकारों से बात करने लगे. सबसे पहले उन्होंने एनडीए को जीत के लिए बधाई देते हुए कहा कि अब यह उनकी जिम्मेदारी है कि जिन बातों को लेकर वे सत्ता में आये हैं, उस पर वह काम करें. प्रशांत किशोर ने मीडिया के तमाम सवालों का जवाब दिया.
अपनी ही PC छोड़ने लगे? (Prashant Kishor Left Press Conference)
जन सुराज के नेता चुनाव रिजल्ट के बाद जब पहली बार मीडिया के सामने आए तो उनसे उनके तमाम दावाों पर सवाल किया गया. PC में एक पत्रकार के सवाल पर वो भड़क गए. जब उनसे पद छोड़ने और के बारे में सवाल किया गया तो वह भड़क गए और उठकर जाने लगे. उन्होंने कहा कि आप मेरा पोस्टमार्डम कर रहे हैं. इसी के लिए यहां आए हैं. मेरे पास कौन सा पद है जो मैं छोड़ दूं. हालांकि, वह फिर सीट पर बैठ गए और मीडिया से बात करने लगे.
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‘आत्मचिंतन का समय है’ (Prashant Kishor Defeat)
प्रशांत किशोर ने कहा कि जिन बातों को लेकर वह जनता के बीच पहुंचे थे और उनको एक सपना दिखाया था, उसे वे पूरा नहीं कर सके. इसके प्रायश्चित के तौर पर वे 20 नवंबर को भितिहरवा आश्रम में एक दिन का मौन सामूहिक उपवास रखेंगे. गलती हम लोगों से हुई होगी, लेकिन गुनाह नहीं किया है. वोट नहीं मिलना गुनाह नहीं है. आज झटका लगा है लेकिन उन गलतियों को सुधार कर हमलोग फिर से खड़े होंगे. जन सुराज की बिहार सुधारने की जो जिद है, वह पूरे किए बिना छोड़ने वाले नहीं हैं. पीछे हटने का सवाल ही नहीं है.
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