मेरठ पुलिस (Meerut Police) ने दस साल मासूम के अपहरण का खुलासा करते हुए अपह्रत बच्चे को गौतमबुद्ध नगर से सकुशल बरामद किया है. साथ ही पुलिस ने आरोपी मां और उसके सहयोगी को भी गिरफ्तार किया है. बच्चे की मां ने एक युवक को झूठे मुकदमे में फंसाने और पैसे ऐंठने के लिए अपने बेटे के झूठे अपहरण की साजिश रची थी.
तीन टीम गठित कर शुरू की खोज
ये मामला सरधना थाना क्षेत्र का है. यहां के दबथुआ गांव की रहने वाली सोनिया नाम की महिला ने थाने पहुंचकर कुछ लोगो पर उसके बेटे का अपहरण का आरोप लगाया था. पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अपह्रत बच्चे की बरामदगी के लिये तीन टीमों का गठन किया. पुलिस टीम ने साक्ष्य जुटाए, सीसीटीवी खंगाले और सर्विलांस की मदद से कुछ ही घण्टो में बच्चे को गौतमबुद्ध नगर से बरामद कर लिया. बच्चा वहां संजय नाम के शख्स ( महिला के सहयोगी ) के साथ रह रहा था. पुलिस ने संजय को भी गिरफ्तार कर लिया.
खुलासा करते हुए एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि पुलिस जांच में ये खुलासा हुआ कि महिला मोहित नाम के एक युवक के संपर्क में आई और मोहित से शादी करने का दबाव बना रही थी लेकिन मोहित ने मना कर दिया. महिला ने अब मोहित को फंसाने और पैसे ऐंठने के लिए उसे झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रच डाली.
कैसे की प्लानिंग?
महिला ने इस साजिश में गौतमबुद्ध नगर के रहने वाले गिरधरपुर छपरौला के रहने वाले संजय को अपने साथ लिया और अपने बेटे को संजय के साथ नोएडा भेज दिया. फिर सरधना आकर अपने बेटे के अपहरण का शोर मचाया. पुलिस को सोनिया पर शुरू से ही शक था. पुलिस ने कई नम्बरो की सीडीआर निकाली और सर्विलांस की मदद से उस जगह पहुंच गई जहां सोनिया ने अपने बेटे को रखा हुआ था. पुलिस बच्चे को अपने साथ मेरठ ले आई. पुलिस ने सोनिया और संजय को गिरफ्तार कर लिया. मोहित की मां ने सोनिया और उसके सहयोगी पर रंगदारी का मुकदमा दर्ज कराया. दोनों को जेल भेज दिया गया है.
क्या थी खुदके बेटे को अगवा करने की वजह?
सोनिया ने पहले भी मोहित पर दुष्कर्म का झूठा मुकदमा लिखाया था, जिसमे मोहित जेल गया था. बाद में सोनिया ने मोहित से जेल में मुलाकात की और कहा कि वो एक लाख रुपये देगा तो कोर्ट में अपने बयान बदल देगी और ऐसा ही हुआ. मोहित जेल से बाहर आ गया. जेल से बाहर आने के बाद सोनिया फिर मोहित पर पैसों देने का दबाव बनाने लगी जब मोहित ने मना किया तो सोनिया ने इस बार अपने बेटे के अपहरण की झूठी कहानी गड़ डाली.
घटना के पुलसी के बाद पुलिस अफसरो ने भी राहत की सांस ली है क्योंकि इस पूरे मामले में शासन ने भी संज्ञान लिया था.
-भारत एक्सप्रेस
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