Lalu Prasad Rabri Devi House Shifting Shifting: बिहार की राजनीति का केंद्र रहा पटना का 10 सर्कुलर रोड अब सूना होने की कगार पर है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के इस सरकारी आवास को खाली करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. गुरुवार की देर रात, जब पूरा शहर सो रहा था, लालू परिवार के इस आवास पर एक पिकअप वैन को सामान और पौधे लोड करते हुए देखा गया. पिछले 20 सालों से यह बंगला आरजेडी की राजनीति का ‘पावर सेंटर’ बना हुआ था, जिसे अब खाली किया जा रहा है.
यह शिफ्टिंग बिहार सरकार के उस फैसले के बाद हो रही है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए आजीवन आवास की सुविधा खत्म कर दी गई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, 25 नवंबर को भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को बंगला खाली करने का नोटिस भेजा था. हालांकि, राबड़ी देवी को विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते हार्डिंग रोड पर नया बंगला (नंबर 39) आवंटित किया गया है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि परिवार सरकारी बंगले के बजाय अपने निजी फार्म हाउस ‘महुआ बाग’ में शिफ्ट हो रहा है.
आधी रात की हलचल और शिफ्टिंग (Rabri Devi Residence Shifting)
गुरुवार की रात 10 सर्कुलर रोड के बाहर का नजारा आम दिनों से अलग था. एक पिकअप वैन बंगले के अंदर दाखिल हुई और कुछ ही देर में गमले, पौधे और घरेलू सामान लेकर बाहर निकली. यह सिलसिला पिछले कुछ दिनों से चल रहा है. प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज के अनुसार, शिफ्टिंग का काम बेहद गोपनीय और व्यवस्थित तरीके से किया जा रहा है. हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी तक परिवार की ओर से कोई बयान नहीं आया है कि नोटिस मिला है या नहीं.
महुआ बाग: लालू परिवार का नया ठिकाना? (Rabri Devi Mahua Bagh Patna)
सियासी गलियारों में चर्चा है कि लालू यादव और राबड़ी देवी हार्डिंग रोड वाले सरकारी बंगले में रहने के बजाय अपने निजी आवास ‘महुआ बाग’ में शिफ्ट हो रहे हैं. महुआ बाग में लालू यादव का बड़ा फार्म हाउस और आलीशान घर बनकर तैयार है. वहीं, तेजस्वी यादव और संजय यादव अब तक 10 सर्कुलर रोड और 1 पोलो रोड का इस्तेमाल करते रहे हैं. माना जा रहा है कि हार्डिंग रोड वाला नया सरकारी बंगला (नंबर 39) केवल आधिकारिक कार्यों और ऑफिस के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि परिवार का निवास स्थान महुआ बाग होगा.
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सरकारी नियम और नोटिस का पेंच
इस शिफ्टिंग के पीछे मुख्य वजह राज्य सरकार का नया नियम है. बिहार सरकार ने साफ कर दिया है कि अब पूर्व मुख्यमंत्रियों को आजीवन सरकारी बंगला नहीं मिलेगा. आवास केवल वर्तमान संवैधानिक पद के आधार पर ही आवंटित होंगे. इसी तहत राबड़ी देवी को नेता प्रतिपक्ष के कोटे से दूसरा घर मिला है. हालांकि, नोटिस मिलने को लेकर संशय बना हुआ है. एक पक्ष का कहना है कि 25 नवंबर को नोटिस दिया गया, जबकि दूसरे पक्ष का दावा है कि अभी कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है.
बिहार की राजनीति का एक अध्याय
10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति का एक अध्याय था. लालू यादव की हंसी-ठिठोली से लेकर बड़े सियासी फैसलों तक, इस बंगले ने बहुत कुछ देखा है. अब जब सामान महुआ बाग शिफ्ट हो रहा है, तो यह स्पष्ट है कि आरजेडी अब एक नए पते से अपनी राजनीति को संचालित करेगी. रात के अंधेरे में हो रही यह शिफ्टिंग बताती है कि लालू परिवार नियमों के जाल में उलझने के बजाय, अपनी शर्तों पर जगह बदलना बेहतर समझ रहा है.
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