Miraculous Escape in Saiyadraja: बुधवार दोपहर सैयदराजा नगर के रेलवे फाटक के पास जो कुछ भी हुआ, उसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए. इसे ‘मौत के मुंह से निकलकर आना’ कहें या ‘जाको राखे साइयां मार सके न कोय’ वाली कहावत दोनों ही यहां बिल्कुल सटीक बैठती हैं.
महज एक पतंग को पकड़ने की जिद ने एक 14 साल के मासूम को मौत के इतना करीब खड़ा कर दिया था कि वहां मौजूद लोगों ने तो अपनी आंखें तक बंद कर ली थीं.
एक पतंग और जिंदगी का दांव
हुआ यूं कि रेलवे फाटक के पास हमेशा की तरह बच्चों की टोली पतंगबाजी में मशगूल थी. कटी हुई पतंगों को लूटने की होड़ में बच्चे अक्सर यह भूल जाते हैं कि वे कहां भाग रहे हैं. सैयदराजा का रहने वाला सोनू (14 वर्ष) भी इसी धुन में था.
एक पतंग को हवा में लहराते देख सोनू उसे पकड़ने के लिए रेलवे ट्रैक की ओर भागा. वह पतंग पकड़ने में इतना खो गया था कि उसे पटरी पर आ रही मौत यानी एक तेज रफ्तार मालगाड़ी की आहट तक सुनाई नहीं दी.
जब मौत ऊपर से गुजर गई
जैसे ही सोनू पटरी के बीच पहुंचा, उसने देखा कि मालगाड़ी बिल्कुल करीब आ चुकी है. घबराहट के उस पल में भागने का समय नहीं था. सोनू ने वही किया जो शायद अच्छे-अच्छों के बस की बात नहीं. वह घबराकर इधर-उधर भागने के बजाय पटरी के बीचों-बीच बिल्कुल सीधा लेट गया.
देखते ही देखते पूरी मालगाड़ी लोहे की गड़गड़ाहट के साथ उसके ऊपर से गुजर गई. पटरी के किनारे खड़े लोग चीखने लगे, कइयों ने डर के मारे अपना चेहरा फेर लिया. सबको लगा कि अब सोनू का बचना नामुमकिन है.
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खरोंच तक नहीं आई
लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. जैसे ही मालगाड़ी का आखिरी डिब्बा गुजरा, सोनू चुपचाप उठकर खड़ा हो गया. यह किसी चमत्कार से कम नहीं था कि इतनी बड़ी ट्रेन ऊपर से गुजर जाने के बाद भी उसे एक खरोंच तक नहीं आई थी.
सोनू को सही-सलामत देख वहां जमा लोगों की जान में जान आई, लेकिन साथ ही लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा. लोगों ने उसे सुरक्षित पाकर राहत तो महसूस की, लेकिन उसकी इस जानलेवा लापरवाही के लिए उसे जमकर फटकार भी लगाई.
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-भारत एक्सप्रेस
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