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साहब, जनता मर रही है और आप ‘घंटा’ बजा रहे? कांग्रेस ने मंत्री के घर के बाहर किया जोरदार प्रदर्शन, भारी बैरिकेडिंग

मध्य प्रदेश में ‘घंटा’ शब्द को लेकर सियासी विवाद और सड़क प्रदर्शन ने नया रूप ले लिया है. इंदौर के दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारियों के मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सिंगरौली के चितरंगी में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.

मध्य प्रदेश की सियासत में इन दिनों ‘घंटा’ शब्द को लेकर जबरदस्त बवाल मचा हुआ है. इंदौर में दूषित पानी के चलते हुई मौतों और बीमारी के गंभीर मुद्दे पर शुरू हुई बहस अब सड़कों पर उतर आई है. सोमवार को सिंगरौली जिले के चितरंगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विवादित बयान और सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. कांग्रेसियों ने राज्य मंत्री राधा सिंह के निवास के बाहर इकट्ठा होकर प्रतीकात्मक रूप से घंटा बजाया और सरकार को नींद से जगाने की कोशिश की.

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, इस पूरे विवाद की जड़ इंदौर में फैला जल संकट है. आरोप है कि इंदौर नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए ‘मलमूत्र युक्त’ गंदे पानी को पीने से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 2800 लोग अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं. इस गंभीर मुद्दे पर जब एक पत्रकार ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछा, तो उन्होंने कथित तौर पर “घंटा” शब्द का इस्तेमाल किया. कांग्रेस ने इसे जनता का अपमान और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करार दिया है.

चितरंगी में पुलिस बल और बैरिकेडिंग

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण ने चितरंगी में मोर्चा संभाला. बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता स्थानीय विधायक और राज्य मंत्री राधा सिंह के आवास का घेराव करने निकले. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रखे थे. मंत्री के निवास की ओर जाने वाली सड़क पर लोहे के बैरिकेड्स लगा दिए गए थे.

जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. एसडीएम सौरभ मिश्रा, एसडीओपी राहुल सैयाम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में घंटों तक गहमागहमी बनी रही.

“जनता मर रही है और मंत्री मजाक उड़ा रहे हैं”

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष सरस्वती सिंह और अन्य नेताओं ने सरकार पर तीखे प्रहार किए. नेताओं का कहना था कि एक तरफ इंदौर में लोग गंदा पानी पीने से मर रहे हैं, दूसरी तरफ जिम्मेदार मंत्री संवेदनहीन बयानबाजी कर रहे हैं. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि “घंटा” जैसे शब्दों का प्रयोग यह दर्शाता है कि सत्ता के नशे में चूर नेताओं को जनता की जान की कोई फिक्र नहीं है.

प्रदर्शन में ये रहे मौजूद

इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए. इनमें प्रदेश पंचायती राज उपाध्यक्ष सोमदेव ब्रह्म, लल्ला राम पांडेय, एम.डी. सिंह, रामगोपाल वैश्य, संकठा सिंह ‘बबलू’, भुवनेश्वर द्विवेदी और आदिवासी जिला अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह समेत सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे. कार्यकर्ताओं ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने अपनी भाषा और कार्यशैली नहीं बदली, तो यह आंदोलन और भी उग्र होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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