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दिल्ली शराब घोटाला मामला: पूर्व CM अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर 7 फरवरी को होगी सुनवाई

Liquor Scam case: दिल्ली शराब घोटाले में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप तय पर सुनवाई 7 फरवरी को होगी. राउज एवेन्यू कोर्ट ने इसे टाल दिया. वकीलों ने कहा- कोई ठोस सबूत नहीं, चार्जशीट पुरानी ही है.

Arvind Kejriwal

केजरीवाल

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

दिल्‍ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट में दिल्ली शराब नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ आरोप तय करने की सुनवाई 7 फरवरी तक टल गई है. शनिवार को हुई सुनवाई में केजरीवाल के वकीलों ने सीबीआई के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया. उन्होंने कहा कि साउथ लॉबी से रिश्वत मांगने का कोई ठोस सबूत नहीं है.

बचाव पक्ष की दलीलें

अरविंद केजरीवाल के वकील ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई के पास ऐसा कोई पुख्ता प्रमाण नहीं है जो केजरीवाल को सीधे घोटाले से जोड़ सके. उन्होंने दावा किया कि चार्जशीट में कोई नया तथ्य नहीं है. यह पहले दायर दस्तावेजों की सिर्फ पुनरावृत्ति है. वकीलों ने कहा कि केजरीवाल ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई. उन्होंने शराब नीति को पारदर्शी बनाने की कोशिश की. कोई अवैध लाभ नहीं लिया गया और न ही किसी से पैसे मांगे गए.

मनीष सिसोदिया का मामला

पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ आरोप तय करने पर दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी है. अब कोर्ट उनके मामले में जल्द फैसला सुना सकती है. इस घोटाले में अब तक 18 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं.

सभी को मिल चुकी है जमानत

केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, के कविता, विजय नायर और समीर महेंद्रू जैसे सभी प्रमुख आरोपी जमानत पर बाहर हैं. जांच एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं.

शराब नीति की जानकारी

7 नवंबर 2021 को दिल्ली सरकार ने नई शराब नीति लागू की थी. इस नीति के तहत दिल्ली को 32 जोन में बांटा गया. हर जोन में 27 दुकानें खोलने की योजना थी. कुल 849 दुकानें प्रस्तावित थीं. शराब की दुकानों का निजीकरण किया गया. पहले 60 फीसदी दुकानें सरकारी थीं. सरकार का दावा था कि इससे 3500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व आएगा. लेकिन नीति में कथित अनियमितताओं के आरोप लगे और इसे बाद में रद्द कर दिया गया.



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