EU India Trade Agreement: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सनक ने अमेरिका के सबसे भरोसेमंद दोस्तों को नाराज कर दिया है. अब यूरोप ने अमेरिका से अलग, अपने रास्ते पर चलने का ऐलान किया है. अमेरिका की विस्तारवादी नीति से परेशान यूरोपीय देश अब भारत पर भरोसा जता रहे हैं. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन (Ursula von der Leyen) भारत के साथ होने वाली डील को लेकर बड़ा ऐलान किया है.
इस डील को मदर ऑफ ऑल डील्स बताते हुए उर्सुला वॉन ने डेट भी बता दी है. जानकार इसे दुनिया का आर्थिक नक्शा बदलने वाला डील बता रहे हैं.
भारत के साथ होगी ऐतिहासिक डील
यूरोपीय आयोग (EU) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दावोस (WEF-2026) में मंच पर यूरोपीय देशों के बिजनेसमैन और प्रमुख नेताओं को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि वो भारत के साथ एक बड़ा और ऐतिहासिक डील करने वाली हैं.
मदर ऑफ ऑल डील्स है ये
उन्होंने कहा कि दावोस के ठीक बाद वो भारत की यात्रा पर जाने वाली हैं. जहां हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता करने वाले हैं. कई लोग इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” बता रहे हैं. यह समझौता 2 अरब लोगों का बाजार बनाएगा. जिसकी कुल GDP दुनिया की एक चौथाई होगी. उन्होंने आगे कहा कि इस मेगा डील से यूरोप को दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ते महाद्वीप के साथ सबसे पहले कदम बढ़ाने का मौका मिलेगा.
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि आज यूरोप इस सदी की आर्थिक महाशक्तियों के साथ व्यापार को आगे बढ़ाना चाहता है. यूरोप आज लैटिन अमेरिका से लेकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे भी आगे तक के साथ आगे बढ़ना चाहता है. यूरोप ने हमेशा दुनिया को चुना है और दुनिया अब यूरोप को चुनने के लिए तैयार बैठी है.
अमेरिका ने यूरोपीय देशों पर लगाया टैरिफ
अमेरिका ने ग्रीनलैंड मामले पर साथ नहीं देने पर 8 यूरोपीय देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है. जिसके बाद से यूरोपीय देशों को अमेरिका के साथ व्यापार में खासा परेशानी हो रही है. यूरोप अब अमेरिका पर अपनी निर्भरता छोड़कर दुनिया के अन्य बाजारों की तरफ देख रहा है.
ऐसे में यूरोपीय देशों को भारत सबसे मुफीद जगद दिख रही है. यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. दोनों के बीच 2024 में 135 अरब डॉलर का व्यापार हुआ. ऐसे में अगर भारत और यूरोपीय संघ के बीच यह डील ना सिर्फ वैश्विक व्यापार में बड़ा प्रभाव डालेगी, बल्कि दोनों के बीच आपसी संबंधों को भी मजबूत करेगी.
बता दें कि, भारत ओर यूरोपीय संघ के बीच नई दिल्ली में 27 जनवरी को शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है. जिसमें लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा. वहीं यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सहित यूरोपीय संघ 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि के रूप शामिल होंगे.
-भारत एक्सप्रेस
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