झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. संयुक्त अभियान में 16 नक्सलियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया. मारे गए नक्सलियों में सबसे बड़ा नाम अनल उर्फ पतिराम मांझी का है. वह नक्सली संगठन का सेंट्रल कमेटी सदस्य था और उसके सिर पर 1 करोड़ रुपये का इनाम था. वह लंबे समय से हिंसा और आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा था.
मुठभेड़ का विवरण
यह मुठभेड़ 22 जनवरी 2026 को हुई. केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और झारखंड पुलिस ने मिलकर यह ऑपरेशन चलाया. सारंडा का घना जंगल नक्सलियों का पुराना ठिकाना रहा है. सुरक्षा बलों ने वहां सर्च ऑपरेशन शुरू किया था. नक्सलियों ने हमला कर दिया, जिसके बाद दोनों तरफ से गोलीबारी हुई. इस मुठभेड़ में 16 नक्सली ढेर हो गए. अन्य नक्सलियों के बारे में अभी ज्यादा जानकारी नहीं आई है.
गृह मंत्री का बयान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस कार्रवाई की सराहना की है. उन्होंने कहा कि यह नक्सलमुक्त भारत अभियान की दिशा में बड़ी उपलब्धि है. दशकों से देश के कई हिस्सों में भय और हिंसा फैलाने वाला नक्सलवाद अब अंतिम दौर में पहुंच गया है. अमित शाह ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करना है. सुरक्षा बल साहस और बेहतर रणनीति से काम कर रहे हैं.
नक्सलियों से अपील
गृह मंत्री ने बाकी नक्सलियों से अपील की कि वे हिंसा और हथियारों का रास्ता छोड़ दें. वे मुख्यधारा में आकर विकास का हिस्सा बनें. सरकार आत्मसमर्पण करने वालों के पुनर्वास और बेहतर जीवन के लिए तैयार है. यह अभियान नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास लाने का प्रयास है.
पतिराम मांझी जैसे बड़े नक्सली नेता का खात्मा सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी सफलता है. सारंडा जैसे इलाके में नक्सल गतिविधियां कम हो रही हैं. सरकार का कहना है कि ऐसे ऑपरेशन जारी रहेंगे. इससे स्थानीय लोगों को सुरक्षित जीवन मिलेगा और विकास काम तेज होंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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