रिपोर्ट- मुकेश राणा
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में गोलियां बरसाकर दहशत फैलाने वाले मोइन कुरैशी का स्वैग पुलिस के सामने धरा का धरा रह गया है. सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेकर पुलिस को चुनौती देने वाले इस बदमाश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया है. एनकाउंटर के दौरान मोइन के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
क्या था पूरा मामला?
मामला कुछ दिन पहले का है, जब उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक कैफे में सन्नाटा चीरती गोलियों की आवाज ने सबको दहला दिया था. मोइन कुरैशी ने वहां मौजूद एक शख्स पर ताबड़तोड़ 4 से 5 राउंड फायरिंग की थी. वारदात इतनी खौफनाक थी कि इलाके में डर का माहौल बन गया. लेकिन हैरानी की बात तब हुई जब कत्ल करने के बाद मोइन भागा नहीं, बल्कि उसने सोशल मीडिया का सहारा लेकर अपनी मर्दानगी दिखाने की कोशिश की.
रील बनाकर दी थी पुलिस को चुनौती
आजकल के अपराधियों में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है—जुर्म करो और फिर उसे इंटरनेट पर वायरल कर दो. मोइन ने भी यही किया. हत्याकांड को अंजाम देने के कुछ ही देर बाद उसने एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया. वीडियो में उसने खुलेआम ये कबूल किया कि उसी ने हत्या की है. एक तरह से यह सीधे तौर पर दिल्ली पुलिस को दी गई चुनौती थी. वीडियो डालने के बाद वह अंडरग्राउंड हो गया और उसे लगा कि वह पुलिस की पकड़ से दूर निकल जाएगा.
पुलिस का एक्शन और एनकाउंटर
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल लगातार मोइन की लोकेशन ट्रैक कर रही थी. मुखबिरों और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पुलिस को उसकी सटीक लोकेशन का पता चला. जब पुलिस की टीम ने उसे घेरने की कोशिश की, तो बदमाश ने सरेंडर करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जो सीधे मोइन के पैर में जा लगीं.
अब आगे क्या?
फिलहाल मोइन कुरैशी पुलिस की गिरफ्त में है और उसका इलाज चल रहा है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस हत्याकांड के पीछे असली मकसद क्या था और क्या इसमें कोई बड़ा गैंग शामिल है. इस गिरफ्तारी से दिल्ली पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि सोशल मीडिया पर ‘डॉन’ बनने की कोशिश करने वालों का अंजाम सलाखों के पीछे या फिर अस्पताल के बेड पर ही होगा.
भारत एक्सप्रेस
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