मनोज कुमार/मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर शहर के नगर थाना अंतर्गत चंदवारा मोहल्ला स्थित आजाद रोड में गुरुवार को एक क्रिश्चियन मिशनरी द्वारा आयोजित ‘चंगाई सभा’ को लेकर भारी हंगामा हुआ. जहां स्थानीय निवासियों और हिंदूवादी संगठनों ने इस सभा पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया. लेकिन, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद सभा को समाप्त कराया गया.
बिना अनुमति आए थे धर्मगुरु
जानकारी के अनुसार, आजाद रोड स्थित एक परिसर में तमिलनाडु से आए लगभग आधा दर्जन धर्मगुरुओं के नेतृत्व में विशेष प्रार्थना सभा (चंगाई सभा) का आयोजन किया जा रहा था. इस सभा में शहर और आसपास के इलाकों की 200 से अधिक महिलाएं शामिल थीं. जैसे ही इसकी सूचना बिहार सिविल सोसाइटी और अन्य हिंदूवादी संगठनों को मिली, उनके प्रतिनिधि मौके पर पहुंच गए और इसे धर्मांतरण का संगठित प्रयास बताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी.
महिलाओं का पुलिस के खिलाफ उग्र रूख
मामला सीनियर एसपी (SSP) तक पहुंचने के बाद नगर थानेदार अनुज कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे. जांच में पाया गया कि आयोजकों ने स्थानीय प्रशासन या थाने से इस आयोजन की कोई अनुमति नहीं ली थी. पुलिस ने कड़ी चेतावनी देते हुए सभा को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया.
इस दौरान एक दिलचस्प पक्ष यह भी सामने आया कि सभा में मौजूद कई महिलाओं ने जाने से इनकार कर दिया. उन्होंने पुलिस के सामने ही धर्मगुरुओं का पक्ष लेते हुए दावा किया कि प्रार्थना सभा में शामिल होने से उनके शारीरिक कष्ट और दुख-दर्द दूर हुए हैं. महिलाओं ने किसी भी प्रकार के दबाव या प्रलोभन से इनकार किया.
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जांच और आंदोलन की चेतावनी
बिहार सिविल सोसाइटी के प्रदेश अध्यक्ष आचार्य चंद्र किशोर पाराशर ने एसएसपी को लिखित आवेदन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. आवेदन में धर्मांतरण की आशंका के चार मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया गया है. स्थानीय लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे.
हालांकि, नगर थानेदार अनुज कुमार ने बताया कि धर्म परिवर्तन की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी. आगे उन्होंने बताया कि बिना किसी सूचना और अनुमति के तमिलनाडु के लोगों द्वारा कार्यक्रम चलाया जा रहा था, जिसकी गहन जांच की जा रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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