India US Trade Deal Framework: भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत हुई है. लंबी बातचीत और मोलभाव के बाद, दोनों देशों ने अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Agreement) के लिए एक ऐतिहासिक फ्रेमवर्क तैयार कर लिया है. पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत रुचि के चलते यह संभव हो पाया है. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे भारत के लिए 30 ट्रिलियन डॉलर का अवसर बताया है.
इस समझौते का सबसे बड़ा असर भारत के ‘मेक इन इंडिया’ मिशन पर पड़ेगा, क्योंकि अमेरिका ने भारतीय सामानों के लिए अपने दरवाजे और चौड़े कर दिए हैं. केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसका खाका पेश किया है. वहीं इस पर पीएम मोदी का भी बयान सामने आया है.
‘मेक इन इंडिया’ को मिलेगी नई ताकत (PM Modi On India US Trade Deal)
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद देते हुए लिखा कि यह फ्रेमवर्क हमारी साझेदारी की गहराई और विश्वास को दर्शाता है. यह ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूती देगा और हमारे मेहनती किसानों, उद्यमियों, MSMEs, स्टार्टअप्स और मछुआरों के लिए नए अवसर खोलेगा. इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे.
पीयूष गोयल ने बताए फायदे ( Piyush Goyal On India US Trade Deal)
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने इस डील को ऐतिहासिक करार देते हुए इसके फायदों की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि अमेरिका भारतीय सामानों पर पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) घटाकर 18% करेगा. इससे टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर और होम डेकोर जैसे सेक्टर्स को बड़ा फायदा होगा. जेनेरिक दवाइयों, रत्न और हीरे (Gems & Diamonds) और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर टैरिफ शून्य (0%) कर दिया जाएगा. भारत को एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर धारा 232 के तहत छूट मिलेगी.
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अमेरिका को क्या मिला? (India US Trade Deal)
बदले में भारत अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कुछ कृषि उत्पादों (जैसे- पशु चारे के लिए अनाज, मेवे, फल, सोयाबीन तेल) पर टैरिफ कम या खत्म करेगा. कुल मिलाकर इस डील से दोनों देशों को तगड़ा फायदा होने की उम्मीद है. हालांकि, इसका प्रभाव आने वाले वक्त में जानने को मिलेगा.
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