Saketh Sreenivasaiah death in US: अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के 22 वर्षीय भारतीय छात्र साकेत श्रीनिवासैया(saketh sreenivasaiah) का शव बरामद हुआ है. पिछले कई दिनों से लापता साकेत का शव उसी इलाके के पास मिला, जहां उनकी तलाश की जा रही थी. वह कर्नाटक के रहने वाले थे और अमेरिकी यूनिवर्सिटी में केमिकल और बायोमॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग में मास्टर्स कर रहे थे. वह पिछले सप्ताह अचानक लापता हो गए थे, जिसके बाद बर्कले पुलिस और ईस्ट बे रीजनल पार्क डिस्ट्रिक्ट की टीमों ने लेक अंजा और टिल्डेन रीजनल पार्क के आसपास सर्च ऑपरेशन शुरू किया था.
कई दिनों से लापता थे साकेत
बता दें कि साकेत को आखिरी बार मैक्गी एवेन्यू के पास ड्वाइट वे इलाके में देखा गया था. उनके बैकपैक में पासपोर्ट और लैपटॉप था, जो टिल्डेन रीजनल पार्क के पास मिला था. जिसके बाद बर्कले पुलिस और ईस्ट बे रीजनल पार्क डिस्ट्रिक्ट की टीमों ने लेक अंजा और टिल्डेन रीजनल पार्क के आसपास बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया था. पुलिस ने पहले कहा था कि साकेत निजी कारणों से परेशान हो सकते थे. लेकिन अब तक मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है.
The Consulate deeply regrets to inform that local police have confirmed the recovery of the body of the missing Indian student, Saketh Sreenivasaiah. We extend our heartfelt condolences to his family and loved ones during this profoundly difficult time.
The Consulate stands… https://t.co/3eLYRtCM3m pic.twitter.com/vPqZydwkiz
— ANI (@ANI) February 15, 2026
भारतीय वाणिज्य दूतावास क्या बोला?
सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने साकेत के लापता होने पर गहरी चिंता जताई थी और परिवार व स्थानीय प्रशासन के संपर्क में था. शव मिलने के बाद दूतावास ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है. दूतावास ने आगे की कानूनी प्रक्रिया में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है. परिवार को शव वापस लाने और अन्य जरूरी सहायता प्रदान करने का वादा किया गया है.
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कौन हैं साकेत श्रीनिवासैया?(saketh sreenivasaiah)
साकेत श्रीनिवासैया कर्नाटक के तुमकुरु जिले के 22 वर्षीय होनहार छात्र थे, जिन्होंने आईआईटी मद्रास से केमिकल इंजीनियरिंग में बीटेक पूरा किया था. 2025 में वे अमेरिका के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले पहुंचे, जहां केमिकल और बायोमॉलिक्यूलर इंजीनियरिंग में मास्टर्स कर रहे थे. इतनी कम उम्र में उन्होंने हाइपरलूप प्रोजेक्ट के लिए माइक्रोचैनल कूलिंग सिस्टम पर पेटेंट भी हासिल कर लिया था, जो उनकी प्रतिभा का प्रमाण था.
अमेरिका में भारतीय छात्रों के लापता होने के मामले
बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जो किसी भारतीय छात्र के साथ ऐसा हुआ हो. पिछले कुछ सालों में अमेरिका में कई भारतीय छात्र लापता हुए हैं या उनकी संदिग्ध मौत हुई है. ऐसे मामलों में अक्सर जांच में देरी और पारदर्शिता की कमी की शिकायतें सामने आती हैं. साकेत के मामले में भी परिवार और भारतीय समुदाय ने त्वरित जांच और पारदर्शिता की मांग की है.
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-भारत एक्सप्रेस
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