हरियाणा के फरीदाबाद से एक ऐसी खबर आई है जो आपके भरोसे को मजबूत कर देगा. यह कहानी है एक कबाड़ व्यापारी की जिसने अपनी ईमानदारी से ना सिर्फ एक परिवार की खुशियां लौटाईं, बल्कि समाज के सामने एक बेमिसाल उदाहरण भी पेश किया है.
मामला फरीदाबाद के बल्लभगढ़ इलाके का है. यहां के रहने वाले अशोक शर्मा के परिवार से पिछले साल एक बड़ी चूक हो गई थी. दरअसल, अशोक शर्मा अपने परिवार के साथ कुंभ स्नान के लिए जा रहे थे. घर सूना था, तो उन्हें गहनों की चोरी का डर सताने लगा. उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से करीब 100 ग्राम सोना (लगभग 10 तोला) एक डिब्बे में बंद किया और उसे एक पुराने बोरे में छिपाकर रख दिया.
इसी गहमागहमी में घर वालों से भारी गलती हो गई. जिस बोरे में 15 लाख रुपये के गहने रखे थे, उसे पुराना कबाड़ समझकर कबाड़ी को बेच दिया गया.
परिवार को इस बात की भनक तब लगी जब दिवाली की पूजा का समय आया. गहने निकालने के लिए जब जगह चेक की गई, तो पैरों तले जमीन खिसक गई. पूरा घर छान मारा, लेकिन सोना नहीं मिला. तब याद आया कि वह बोरा तो कबाड़ में जा चुका है. शर्मा परिवार तुरंत कबाड़ व्यापारी हाजी अख्तर खान के पास पहुंचा. वहां काफी खोजबीन हुई, लेकिन उस वक्त गहनों का कोई सुराग नहीं मिला. भारी मन और मायूसी के साथ परिवार वापस लौट आया, उन्हें लगा कि अब उनकी जिंदगी भर की कमाई हाथ से निकल चुकी है.
ईमानदारी की ऐसी मिसाल कम ही मिलती
कहानी में मोड़ तब आया जब करीब चार महीने बाद कबाड़ के गोदाम में काम के दौरान अख्तर खान को वह कागज में लिपटा डिब्बा मिला. जैसे ही उन्होंने उसे खोला, उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं. उन्होंने तुरंत अपने परिवार से बात की और सभी ने एक सुर में कहा कि ‘यह हमारा हक नहीं है, इसे इसके असली मालिक तक पहुंचना चाहिए.’
पुलिस की मौजूदगी में सौंपा गया गहना
हाजी अख्तर खान ने ईमानदारी का परिचय देते हुए एसीपी बल्लभगढ़ जितेश मल्होत्रा के कार्यालय में संपर्क किया. पुलिस की मौजूदगी में अशोक शर्मा के परिवार को बुलाया गया और उनके खोए हुए गहने उन्हें सौंप दिए गए. अपना खोया हुआ सोना वापस पाकर शर्मा परिवार की आंखों में आंसू आ गया.
-भारत एक्सप्रेस
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