वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम से वायरल निवेश योजना वाला वीडियो AI से तैयार किया गया डीपफेक है. PIB ने इसे फर्जी करार देते हुए लोगों को चेतावनी दी है कि वे किसी भी वित्तीय दावे पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जांच करें. साइबर अपराधियों से बचने के लिए लिंक पर क्लिक करने, OTP साझा करने और बिना वेरिफिकेशन निवेश करने से बचना जरूरी है.
वित्त मंत्री के नाम पर वायरल डीपफेक वीडियो का सच
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को एक कथित निवेश योजना (Investment Scheme) का प्रचार करते हुए दिखाया गया है. यह वीडियो देखने में बिल्कुल असली लगता है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है.
क्या है पूरा मामला?
Press Information Bureau (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने जांच के बाद इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी (Fake) बताया है. अधिकारियों के अनुसार यह वीडियो AI तकनीक की मदद से बनाया गया एक डीपफेक (Deepfake) है. जालसाजों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके वित्त मंत्री की आवाज़ और चेहरे को इस तरह मॉर्फ किया कि वीडियो असली लगे. इसका मकसद लोगों को एक फर्जी निवेश स्कीम में फंसाकर आर्थिक ठगी करना है.
सरकार की चेतावनी
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वित्त मंत्री ने किसी भी निजी निवेश योजना या स्कीम का प्रचार नहीं किया है. साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी वित्तीय दावे पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक वेबसाइट या Reserve Bank of India (RBI) जैसे रेगुलेटरी संस्थानों की साइट पर जानकारी अवश्य जांचें.
डीपफेक का बढ़ता खतरा
आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराधी बड़े नेताओं, अभिनेताओं और मशहूर हस्तियों के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं. AI तकनीक के जरिए बनाए गए डीपफेक वीडियो आम लोगों को भ्रमित करने का नया हथियार बन चुके हैं.ऐसे वीडियो इतने वास्तविक दिखते हैं कि पहली नजर में असली और नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है.
खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
1) संदिग्ध लिंक से बचें
व्हाट्सएप, फेसबुक या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले ‘जल्दी अमीर बनें’ जैसे संदेशों से सावधान रहें.
2) OTP और पिन साझा न करें
कोई भी बैंक या सरकारी संस्था आपसे फोन या मैसेज पर OTP या पर्सनल पिन नहीं मांगती.
3) ऑफिशियल वेबसाइट पर वेरिफाई करें
अगर कोई स्कीम ‘Too Good To Be True’ लगे, तो तुरंत उसकी जांच आधिकारिक पोर्टल पर करें.
4) वीडियो शेयर करने से पहले सोचें
ऐसे संदिग्ध वीडियो को आगे बढ़ाने के बजाय संबंधित प्लेटफॉर्म पर रिपोर्ट करें. डिजिटल इंडिया के इस युग में तकनीक जितनी ताकतवर है, उतनी ही खतरनाक भी हो सकती है. डीपफेक वीडियो और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है.
याद रखें: किसी भी निवेश से पहले पूरी जांच करें, वरना एक क्लिक आपकी मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
Written By: Shubhra Rai (Intern)
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