Hardoi Income Tax Notice: हरदोई/देवेंद्र सिंह: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने आयकर विभाग (Income Tax Department) और स्थानीय प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं. यहाँ एक गरीब ऑटो चालक, जो पेट पालने के लिए दिल्ली की सड़कों पर ई-रिक्शा चलाता है, उसे विभाग ने 38.5 करोड़ रुपये के भारी-भरकम लेन-देन का नोटिस थमाया है. नोटिस देखते ही पीड़ित और उसके परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई है.
15 साल की मेहनत और करोड़ों का ‘फर्जी’ खेल
हरदोई के अतरौली थाना क्षेत्र के ग्राम गंजहाखेड़ा निवासी 52 वर्षीय रामपाल पिछले 15 वर्षों से दिल्ली में रहकर ई-रिक्शा चलाकर गुजर-बसर कर रहे हैं. उनकी पत्नी रामलली दूसरों के घरों में झाड़ू-पोछा करती हैं. गांव में उनके पास महज एक बीघा जमीन है. रामपाल की साधारण जिंदगी में भूचाल तब आया, जब गांव के एक टेलर ने डाकिए द्वारा दी गई एक चिट्ठी उन्हें सौंपी. वह चिट्ठी आयकर विभाग का नोटिस थी, जिसमें उन पर 38.5 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन का आरोप था.
कैसे चोरी हुई रामपाल की ‘पहचान’?
रामपाल के अनुसार, यह पूरी साजिश उनके साथ हुई एक पुरानी घटना से जुड़ी है. करीब तीन साल पहले, जब उनकी मां का निधन हुआ था, दिल्ली में मोबाइल पर बात करते समय किसी ने उनका फोन छीन लिया था. उस मोबाइल में रामपाल के आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो की डिजिटल कॉपी मौजूद थी. आशंका जताई जा रही है कि जालसाजों ने इन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी बैंक खाते खोले और करोड़ों का काला धन इधर-से-उधर किया.
वकील की जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जब रामपाल ने घबराकर हाई कोर्ट के वकील से संपर्क किया और अपने पैन कार्ड की डिटेल निकलवाई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया. रिकॉर्ड के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में उनके नाम पर 7.5 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 31 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है. यानी कुल 38.5 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन उस व्यक्ति के नाम पर हुआ जो मुश्किल से दिन के 400-500 रुपये कमा पाता है. विभाग ने अब टैक्स रिटर्न न भरने और इस भारी-भरकम राशि का स्रोत न बताने पर नोटिस जारी किया है.
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यह घटना ऑनलाइन फ्रॉड और ‘आइडेंटिटी थेफ्ट’ (Identity Theft) का एक डरावना उदाहरण है. रामपाल जैसे मासूम लोग डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण शिकार बन रहे हैं. फिलहाल, पीड़ित न्याय की गुहार लगा रहा है और जांच एजेंसियों को यह पता लगाना है कि इस ई-रिक्शा चालक के दस्तावेजों के पीछे असली ‘मास्टरमाइंड’ कौन है.
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