Oil prices drop: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध खत्म करने की संभावना जताई और तेल से जुड़े कुछ प्रतिबंधों में ढील देने की बात कही. साथ ही उन्होंने अमेरिकी नौसेना के जरिए तेल टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की व्यवस्था पर विचार करने का ऐलान किया. इस बयान का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा.
तेल की कीमतें कम रखने की कोशिश
ट्रंप ने कहा कि उनका मकसद तेल की कीमतें नीचे रखना है. युद्ध के चलते खाड़ी देशों में उत्पादन प्रभावित हुआ था और कीमतें तेजी से बढ़ गई थीं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति गुजरती है, ऐसे में वहां की स्थिति का असर वैश्विक बाजार पर तुरंत पड़ता है.
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ब्रेंट क्रूड में भारी गिरावट
मंगलवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत दिन के उच्चतम स्तर से करीब 20 डॉलर प्रति बैरल गिरकर 88.5 डॉलर तक आ गई. सोमवार को यह 119.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था. इसी तरह अमेरिकी WTI क्रूड फ्यूचर्स भी लगभग 10% गिरकर 85.02 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए, जबकि एक दिन पहले यह 115 डॉलर से ऊपर चला गया था.
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अब तक की सबसे बड़ी गिरावट
कच्चे तेल की कीमतों में यह किसी भी दिन के उच्च स्तर से बंद कीमत तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है. मंगलवार सुबह कीमतें और नीचे गईं और 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गईं. इस तरह कुल मिलाकर लगभग 38 डॉलर का उतार-चढ़ाव देखने को मिला. यह उतार-चढ़ाव 2020 की कोरोना महामारी के बाद सबसे ज्यादा है, जब कुछ समय के लिए तेल की कीमतें नकारात्मक भी हो गई थीं.
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-भारत एक्सप्रेस
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