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ईरान-इजराइल जंग में भारत का नाम घसीटने की कोशिश? आर्मी चीफ का वीडियो वायरल, जानें सच

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का एक एआई-जनरेटेड डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. PIB ने इसे पाकिस्तान की प्रोपेगेंडा साजिश करार देते हुए जनता को अलर्ट किया है.

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इंटरनेट की दुनिया में इन दिनों एक वीडियो आग की तरह फैल रहा है, जिसे देखकर कोई भी धोखा खा सकता है. इस वीडियो में भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को लेकर कुछ ऐसे दावे किए गए हैं, जो न केवल हैरान करने वाले हैं बल्कि पूरी तरह से झूठे भी हैं. अगर आपके व्हाट्सएप या फेसबुक पर भी ऐसा कोई वीडियो आया है, जिसमें आर्मी चीफ की आवाज में इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर कुछ कहा जा रहा है, तो रुक जाइए! सरकारी एजेंसी PIB Fact Check ने इस वीडियो का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है.

AI की मदद से रची गई साजिश

जांच में सामने आया है कि ये ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) से तैयार किया गया एक डीपफेक वीडियो है. इसमें जनरल उपेंद्र द्विवेदी के चेहरे और उनकी आवाज का इस्तेमाल बेहद चालाकी से किया गया है ताकि लोगों को लगे कि सेना प्रमुख खुद यह बातें बोल रहे हैं.

 

सूत्रों की मानें तो इस प्रोपेगेंडा के पीछे पाकिस्तान से जुड़े कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स का हाथ है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना चाहते हैं.

क्या है दावा?

इस वायरल वीडियो में यह मनगढ़ंत कहानी गढ़ी गई है कि जब ईरानी युद्धपोत अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में था, तब भारतीय सेना ने उसकी लोकेशन इजरायल के साथ साझा की थी. पीआईबी फैक्ट चेक ने साफ कर दिया है कि यह दावा पूरी तरह बेबुनियाद और भ्रामक है.

भारत का इस तरह की किसी भी गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है. असल में, इस समय ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जो तनाव चल रहा है, पाकिस्तान उसका फायदा उठाकर भारत के खिलाफ जहर उगलने का मौका तलाश रहा है.

सरकार की अपील

पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का मकसद सिर्फ भ्रम फैलाना और समाज में हलचल पैदा करना है. सेना प्रमुख जैसे संवेदनशील पद पर बैठे व्यक्ति के नाम का गलत इस्तेमाल करना एक गंभीर अपराध है. सरकार ने जनता से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील जानकारी को आगे बढ़ाने (फॉरवर्ड करने) से पहले उसकी अच्छे से पुष्टि कर लें.

झूठे अफवाहों से कैस बचें?

  • भरोसेमंद सोर्स देखें: केवल मुख्यधारा के न्यूज चैनलों या सरकारी हैंडल्स (जैसे PIB) की जानकारी पर ही यकीन करें.
  • आवाज और लिप-सिंक पर गौर करें: डीपफेक वीडियो में अक्सर आवाज और होंठों की मूवमेंट में हल्का सा अंतर होता है, उसे पहचानने की कोशिश करें.
  • बिना सोचे समझे शेयर न करें: आपकी एक छोटी सी गलती देश की सुरक्षा और साख के लिए खतरा बन सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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