India Iran Talks: पश्चिम एशिया में अमेरिका और इज़रायल का ईरान से सैन्य संघर्ष चल रहा है. उनके हमलों में ईरान में हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं, और लाखों लोग अंधेरे में जी रहे हैं. ईरान में खाने की किल्लत मच गई है. ऐसे में भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर की चौथी बार फोन पर बात हुई है.
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कुछ ही देर पहले ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से चौथी बार फोन पर बात की है. यह बातचीत पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के दरम्यान हुई है. दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और BRICS जैसे मंचों पर सहयोग पर चर्चा की.
Had another conversation with Iranian FM @araghchi yesterday night.
Discussed bilateral matters as also BRICS related issues.
— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) March 13, 2026
जयशंकर की चौथी बार हुई बात
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने X हैंडिल पर पोस्ट किया कि ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से मेरी बातचीत हुई है. हम दोनों ने द्विपक्षीय मुद्दों और BRICS से जुड़े विषयों पर चर्चा की. भारत क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने को तैयार है. उन्होंने कहा कि इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखना सभी देशों की सामूहिक जिम्मेदारी है.
ईरानी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों से क्षेत्र में तनाव बढ़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार, जनता और सेना हमलों के खिलाफ अपना बचाव करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संगठनों से इन हमलों की निंदा करने की मांग की. साथ ही BRICS जैसे मंचों से शांति और स्थिरता बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाने की अपील की.
पिछली 3 बातचीतों का ब्यौरा
जंग शुरू होने के बाद यह चौथी बातचीत है. पहली बातचीत 28 फरवरी 2026 को हुई, जब जयशंकर ने ईरान में हालिया घटनाओं पर भारत की गहरी चिंता जताई. दूसरी बातचीत 5 मार्च को हुई, जिसमें दोनों ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की.
तीसरी बातचीत 10 मार्च या 12 मार्च के आसपास हुई, जिसमें चल रहे संघर्ष के नवीनतम घटनाक्रम पर विस्तार से बात हुई और दोनों ने संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई. इन बातचीतों से भारत ने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्गों पर जोर दिया है.
यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज स्ट्रेट में तनाव है और भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर ध्यान है. भारत BRICS के मौजूदा अध्यक्ष के रूप में शांति प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है. दोनों देशों के बीच पुराने संबंध हैं और भारत हमेशा संवाद के जरिए समस्याओं के हल की बात करता है.
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