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‘अमेरिकी दावे और हकीकत में बड़ा अंतर’: अराघची ने ट्रंप को याद दिलाया वियतनाम युद्ध; इंफ्रास्ट्रक्चर हमले पर दी कड़ी चेतावनी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को वियतनाम युद्ध के ‘झूठ’ की याद दिलाते हुए घेरा है. उन्होंने कहा कि ईरान की ताकत खत्म होने के अमेरिकी दावे बेबुनियाद हैं और हमला होने पर तेहरान बिना किसी संयम के पलटवार करेगा.

Iran foreign minister araghchi warning to USA

Iran US conflict: दुनिया के नक्शे पर एक बार फिर युद्ध की आहट तेज हो गई है, और इस बार जुबानी जंग ने पुराने जख्मों को कुरेदना शुरू कर दिया है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. अराघची ने साफ लफ्जों में कहा है कि अमेरिका जो दुनिया को दिखा रहा है और जो असलियत है, उन दोनों में जमीन-आसमान का फर्क है. उन्होंने अमेरिका को वियतनाम युद्ध की याद दिलाते हुए चेताया कि इतिहास खुद को दोहरा रहा है.

वियतनाम युद्ध का ‘झूठ’

अराघची ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए एक दिलचस्प उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि वियतनाम युद्ध के दौरान जब सैकड़ों अमेरिकी सैनिक मारे जा रहे थे और अमेरिका की हार तय दिख रही थी, तब भी वहां के जनरल विलियम वेस्टमोर्लैंड को वापस बुलाकर जनता के सामने खड़ा कर दिया गया था. मकसद सिर्फ एक था कि दुनिया को यह यकीन दिलाना कि “अमेरिका जीत रहा है.”

ईरानी विदेश मंत्री का मानना है कि आज भी वही पुरानी स्क्रिप्ट इस्तेमाल की जा रही है, बस किरदार बदल गए हैं. आज के दौर में भी अमेरिकी अधिकारी वही पुराने दावे कर रहे हैं, जो जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं.

अराघची ने कसा तंज

अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (Twitter) पर तंज कसते हुए कई बड़े दावे किए. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार दावा करती है कि ईरान की हवाई सुरक्षा (Air Defense) को उन्होंने नेस्तनाबूद कर दिया है, लेकिन हकीकत यह है कि उनके आधुनिक F-35 विमानों को निशाना बनाया जा रहा है. यही नहीं, अराघची ने अमेरिकी नौसेना पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि जब अमेरिका कहता है कि ईरान की नेवी खत्म हो चुकी है, तब उनके बड़े युद्धपोत ‘यूएसएस जेराल्ड फोर्ड’ और ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ता है.

ईरान का ‘नो सरेंडर’ प्लान

ईरान ने ये भी दावा किया है कि उनके पास इजरायल की उन खुफिया योजनाओं की जानकारी है, जिनमें ईरान के पावर प्लांट, तेल डिपो और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की बात कही गई है. अराघची ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ईरान कोई डरपोक देश नहीं है. उन्होंने कहा, “हम सिद्धांतों वाले लोग हैं. हम बातचीत की आड़ में या छिपकर वार नहीं करते, लेकिन अगर हमारे ऊपर हमला हुआ, तो हम जरा भी संयम नहीं बरतेंगे और ऐसा जवाब देंगे जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी.”

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-भारत एक्सप्रेस



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