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ईरान-US जंग के बीच भारत की आर्थिक दहाड़! 7.1 प्रतिशत की अनुमानित ग्रोथ रेट के साथ चीन को पछाड़ बनेगा एशिया का किंग: रिपोर्ट

S&P Global की रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक संकट के बावजूद भारत 7.1% जीडीपी ग्रोथ के साथ सबसे तेज़ अर्थव्यवस्था बना रहेगा. कमज़ोर मांग और रियल एस्टेट संकट से जूझ रहे China की ग्रोथ 4.4% तक सीमित रहने का अनुमान है…

India GDP growth report News: मिडिल ईस्ट में ईरान और अमेरिका के बीच छिड़े महायुद्ध और लाल सागर में जारी तनाव के बावजूद भारत की आर्थिक रफ्तार थमने वाली नहीं है. बुधवार को जारी ‘S&P ग्लोबल’ की नवीनतम आर्थिक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के सिंहासन पर मजबूती से बरकरार रहेगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है. यह आंकड़ा साफ तौर पर दर्शाता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं और कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बाबजूद भारत की आंतरिक शक्ति और घरेलू मांग इतनी मजबूत है कि वह बाहरी झटकों को सहने में पूरी तरह सक्षम है.

भारत के ‘ग्रोथ इंजन’ का क्या है राज?

S&P ग्लोबल ने अपनी रिपोर्ट(India GDP growth report) में स्पष्ट किया है कि भारत की इस मजबूती के पीछे मजबूत घरेलू मांग, स्थिर निर्यात और निजी निवेश में धीरे-धीरे हो रही बढ़ोतरी जैसे तीन मुख्य स्तंभ हैं. जहाँ दुनिया के कई विकसित देश मंदी की आहट से सहमे हुए हैं, वहीं भारत में खपत का स्तर लगातार ऊंचा बना हुआ है.

इसके अलावा सरकार द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए जा रहे भारी खर्च और ‘मेक इन इंडिया’ के तहत निजी क्षेत्र के निवेश ने अर्थव्यवस्था को एक सुरक्षा कवच प्रदान किया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत का सर्विस सेक्टर निर्यात इतना विविध और सशक्त है कि वह कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के असर को काफी हद तक बेअसर कर देगा.

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चीन को पछाड़ भारत बनेगा एशिया का किंग?

रिपोर्ट के सबसे दिलचस्प पहलुओं में से एक भारत और चीन की अर्थव्यवस्था का तुलनात्मक विश्लेषण है. जहाँ भारत 7.1% की रफ्तार से दौड़ने को तैयार है तो वहीं चीन की आर्थिक वृद्धि में भारी गिरावट का अनुमान है. रिपोर्ट (India GDP growth report) में दावा किया गया है कि 2026 में चीन की जीडीपी ग्रोथ घटकर महज 4.4 प्रतिशत रह सकती है.

बता दें कि कमजोर घरेलू मांग, प्रॉपर्टी सेक्टर (रियल एस्टेट) का संकट और पश्चिमी देशों के साथ व्यापारिक तनाव चीन की कमर तोड़ रहे हैं. ऐसे में एशिया-पैसिफिक क्षेत्र की कमान अब भारत के हाथों में आती दिख रही है. चीन को छोड़कर इस पूरे क्षेत्र की औसत ग्रोथ 4.5% रहने की उम्मीद है, जिसमें भारत का योगदान सबसे प्रमुख होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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