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मिडिल ईस्ट की जंग का देश पर कम से कम असर हो, इसलिए PM मोदी ने अब मुख्यमंत्रियों के साथ की अहम मीटिंग

पश्चिम एशिया की जंग के बीच पर पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ मीटिंग की. जिसमें ईंधन आपूर्ति, महंगाई और राज्यों की तैयारियों पर चर्चा हुई. केंद्र और राज्यों ने मिलकर संकट से निपटने की रणनीति पर विचार किया. सरकार का प्रयास है कि इस वैश्विक तनाव का भारत पर न्यूनतम असर पड़े.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

PM Modi’s meeting with CMs: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च 2026 को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल मीटिंग की. यह मीटिंग लगभग 2 घंटे तक चली. मीटिंग में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और उसके भारत पर पड़ने वाले असर पर चर्चा हुई.

मीटिंग में ईरान से जुड़े युद्ध के बाद बढ़े वैश्विक तनाव पर फोकस रहा. ईंधन की आपूर्ति, महंगाई, लॉजिस्टिक्स और जरूरी सेवाओं पर खास बातचीत हुई. केंद्र सरकार ने राज्यों की मौजूदा स्थिति और उनकी तैयारियों की समीक्षा की. यह देखा गया कि अंतरराष्ट्रीय हालात से राज्यों की अर्थव्यवस्था और आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ सकता है. साथ ही, इससे निपटने के लिए क्या कदम उठाए जाएं, इस पर भी विचार हुआ.

मिडिल ईस्ट में जंग की स्थिति

वर्तमान में ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच संघर्ष जारी है. इजरायल और अमेरिका की तरफ से ईरान पर हमले हो रहे हैं. ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है और इजरायल समेत कई खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है. इस युद्ध की वजह से होर्मुस स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकर जहाज कई दिनों से रुके हुए हैं. इससे ईंधन, ऊर्जा और गैस की आपूर्ति पर असर पड़ा है.

संकट से निपटने को भारत की तैयारी

भारत सरकार ने ईंधन और गैस की आपूर्ति को सामान्य रखने का भरोसा दिया है. मीटिंग में टीम इंडिया की भावना से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया. राज्यों से कहा गया कि वे अपनी तैयारियां मजबूत रखें ताकि महंगाई न बढ़े और जरूरी सामान की कमी न हो.

यह मीटिंग इसलिए बुलाई गई क्योंकि मिडिल ईस्ट का संकट लंबा खिंच सकता है. प्रधानमंत्री ने राज्यों से आग्रह किया कि सभी मिलकर काम करें. इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत रहेगी और आम लोगों पर बोझ कम पड़ेगा.

सौहार्दपूर्ण माहौल में खत्म हुई मीटिंग

मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद मीटिंग की अध्यक्षता की. मुख्यमंत्रियों से राज्यों की वर्तमान स्थिति जानने के अलावा, ईंधन स्टॉक, गैस आपूर्ति और महंगाई नियंत्रण पर रिपोर्ट मांगी गई. कई मुख्यमंत्री ने अपनी तैयारियों के बारे में बताया. केंद्र की तरफ से आश्वासन दिया गया कि पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई बाधित नहीं होगी. चर्चा में लंबे समय तक चलने वाले संकट के लिए प्लान-बी पर भी विचार हुआ. सभी ने टीम इंडिया की भावना से काम करने का संकल्प लिया. मीटिंग सौहार्दपूर्ण माहौल में खत्म हुई और आगे समन्वय बनाए रखने पर सहमति बनी.

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