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चैत्र पूर्णिमा पर ‘सर्वार्थ सिद्धि’ और ‘रवि योग’ का महासंगम, भद्रा और राहुकाल से संभलकर करें काम; जानें शुभ मुहूर्त

1 अप्रैल 2026 को ‘चैत्र पूर्णिमा’ है. आज का ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ और ‘अमृत काल’ आपके जीवन में समृद्धि ला सकते हैं, वहीं सुबह से शाम तक रहने वाली ‘भद्रा’ और दोपहर का ‘राहुकाल’ शुभ कार्यों में बाधा डाल सकते हैं.

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Aaj Ka Panchang

Aaj Ka Panchang: आज 1 अप्रैल 2026, दिन बुधवार है. हिंदू वैदिक पंचांग के अनुसार, आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है. बुधवार का पावन दिन बुद्धि के देवता प्रथम पूज्य गणेश जी और जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. आज के दिन ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’, ‘रवि योग’ और ‘अमृत काल’ का एक साथ होना इस दिन को आध्यात्मिक और कार्य सिद्धि की दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली बना रहा है. आज पूर्णिमा व्रत रखने और चंद्रदेव की पूजा करने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

पंचांग विवरण (Aaj Ka Panchang 1 April 2026)

आज का दिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार विशेष फलदायी है क्योंकि आज शाम से ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ प्रारंभ हो रहा है. मान्यता है कि इस योग में शुरू किए गए कार्य निश्चित ही सफलता दिलाते हैं. आज चंद्रमा कन्या राशि और ‘उत्तराफाल्गुनी’ नक्षत्र में संचरण कर रहे हैं. हालांकि, आज दिन के बड़े हिस्से में ‘भद्रा’ का साया भी रहेगा, जिसमें शुभ कार्यों को टालने की सलाह दी जाती है. सफलता सुनिश्चित करने के लिए शुभ मुहूर्तों का ज्ञान होना आवश्यक है.

आज की तिथि और वार (Today’s Tithi and Day)

पंचांग के अनुसार, आज चैत्र शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि सुबह 07:06 बजे तक मान्य रहेगी, इसके पश्चात पूर्णिमा तिथि लग जाएगी. बुधवार का दिन व्यापारिक सौदों, शिक्षा और बैंकिंग से जुड़े कार्यों के लिए शुभ माना जाता है.

  • तिथि: चतुर्दशी (सुबह 07:06 तक), फिर पूर्णिमा
  • पक्ष: शुक्ल पक्ष
  • वार: बुधवार

नक्षत्र और योग (Nakshatra and Yoga)

आज दोपहर 04:17 बजे तक ‘उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र’ रहेगा, जिसका स्वामी सूर्य है. इसके बाद हस्त नक्षत्र की शुरुआत होगी. योग की बात करें तो आज दोपहर 02:51 बजे तक ‘वृद्धि योग’ रहेगा, जो कार्यों में बढ़ोतरी लाता है. विशेष बात यह है कि आज ‘रवि योग’ और ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ दोनों का प्रभाव रहेगा.

  • नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी (दोपहर 04:17 तक), फिर हस्त
  • योग: वृद्धि (दोपहर 02:51 तक)
  • विशेष योग: सर्वार्थ सिद्धि योग (दोपहर 04:17 से अगले दिन तक), रवि
    योग (सुबह 06:11 से दोपहर 04:17 तक)

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सूर्य और चंद्रमा की स्थिति (Position of Sun and Moon)

आज सूर्य देव मीन राशि में विराजमान हैं. वहीं, चंद्रमा पूरे दिन और रात कन्या राशि में गोचर करेंगे. कन्या राशि का चंद्रमा व्यक्ति को तार्किक, व्यावहारिक और सेवाभावी बनाता है.

  • सूर्य राशि: मीन
  • चंद्र राशि: कन्या
  • सूर्योदय / सूर्यास्त: सुबह 06:11 बजे / शाम 06:39 बजे
  • चंद्रोदय / चंद्रास्त: शाम 06:11 बजे / अगली सुबह 06:10 बजे

आज के शुभ मुहूर्त (Today’s Shubh Muhurat)

आज के दिन विष्णु पूजन और महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ये समय सबसे श्रेष्ठ रहेंगे:

  • अमृत काल: सुबह 08:48 से 10:28 तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:20 तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:38 से 07:01 तक
  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:39 से 05:25 तक

राहुकाल, भद्रा और अशुभ समय (Rahukaal and Inauspicious Times)

आज के दिन दोपहर के समय ‘राहुकाल’ रहेगा, जिसमें कोई भी नया शुभ कार्य करना वर्जित है. इसके साथ ही आज सुबह से शाम तक भद्रा का साया रहेगा, इसलिए विशेष सावधानी बरतें.

  • राहुकाल: दोपहर 12:25 से 01:59 तक (इस समय शुभ कार्य टालें)
  • भद्रा: सुबह 07:06 से शाम 07:20 तक (अशुभ काल)
  • यमगण्ड काल: सुबह 07:45 से 09:18 तक
  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:00 से 12:50 तक

आज के व्रत और त्यौहार (Today’s Fasts and Festivals)

आज ‘चैत्र पूर्णिमा’ का पावन व्रत है. इसे हनुमान जयंती (उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में) और चैत्र पूर्णिमा स्नान-दान के रूप में मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और दान देने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देने से कुंडली में चंद्र दोष समाप्त होता है.

आपने आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 1 April 2026) पढ़ लिया. अब धर्म, आध्यात्म से जुड़ी अन्य खबरों के लिए यहां क्लिक करें.

पंचांग का सार (Aaj Ka Panchang 1 April 2026)

निष्कर्ष के तौर पर, 1 अप्रैल 2026 का दिन ‘चैत्र पूर्णिमा’ की खुशियों और ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ से भरा है, लेकिन ‘भद्रा’ और ‘राहुकाल’ के कारण आपको सतर्क रहना होगा. कोई भी नया कार्य दोपहर 04:17 के बाद सर्वार्थ सिद्धि योग में करना श्रेष्ठ रहेगा. भगवान विष्णु का ध्यान कर अपने दिन की शुरुआत करें, सब मंगलमय होगा.

-भारत एक्सप्रेस



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